नए भारत की केंद्र स्थली बनने जा रहा है राम मंदिर, जानिए कब से आप कर सकेंगे रामलला के दर्शन?

ram mandir ayodhya

राम मंदिर वर्षों से ही किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा है, लेकिन कालांतर से लेकर इसे 9 नवंबर 2019 तक अपने अस्तित्व के लिए काफी लड़ाईयां लड़नी पड़ी।

अब जब राम मंदिर अपने प्राचीन दौर में वापिस आ गया है, तो उसके नव निर्माण के बारे में जानना प्रत्येक भारतवासी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। 

9 नवंबर 2019 को जब फैसला राम मंदिर के हक में आया, तब राम मंदिर के भव्य निर्माण और राम लला को वहां विराजित करने के लिए कोर्ट द्वारा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन किया गया।

जिसमें करीब 15 लोग ट्रस्टी नियुक्त किए गए, जिनका प्रमुख कार्य मंदिर के निर्माण कार्य को देखना और निर्माण के बाद मंदिर की देखभाल करना है। 

इतना ही नहीं, मंदिर के निर्माण के लिए भारतवर्ष के एक- एक घर से श्रद्धानुसार दान लिया गया और भारत की जनता ने इस महादान में बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया।

ये भारतीयों की आस्था के कारण ही संभव हो सका कि, सालों पुरानी राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की समस्या का हल हो गया और राम मंदिर के लिए कोर्ट ने 67 एकड़ जमीन प्रदान की।

अब जब मंदिर की नींव रखी जा चुकी है, तो प्रत्येक भारतवासी को ये अवश्य जानना चाहिए कि आखिर कब तक वह राम मंदिर में रामलला के दर्शन कर पाएंगे? तो चलिए जानते हैं कहां तक पहुंचा राम मंदिर का निर्माण और ये कितना अद्भुत होने वाला है..

साल 2023 तक श्रद्धालु कर सकेंगे रामलला के दर्शन

राम जन्मभूमि ट्रस्ट क्षेत्र के सदस्यों की मानें तो साल 2023 तक रामलला को गर्भ गृह में पहुंचा दिया जाएगा, यानि अगले वर्ष तक रामलला गर्भ गृह में स्थापित कर दिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु आसानी से भगवान श्री राम के दर्शन कर सकेंगे।

इसी वर्ष मई से लेकर जून के महीने में गर्भ गृह का कार्य बंसी पहाड़पुर पर शुरू कर दिया जाएगा, ताकि 2023 तक रामलला को गर्भ गृह में पहुंचाया जा सके। 

आपको बता दें कि पिछले साल 15 जनवरी 2021 से राम मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया था, जोकि अभी भी काफी जोरों शोरों पर है। जहां सबसे पहले करीब 45 से 50 फीट की गहराई तक नींव डाली गई।

उसके बाद उसके ऊपर लगभग 5 फीट मोटी परत डाली जा चुकी है, और अब मंदिर के अन्य आकर्षक केंद्रों को तैयार किया जा रहा है। हालांकि मंदिर के सम्पूर्ण निर्माण के बाद मंदिर कैसा दिखेगा, इस पर ट्रस्ट के हवाले से एक 3D वीडियो जारी किया जा चुका है, जिसे देखकर ही आप मंदिर की भव्यता का अंदाजा लगा सकते हैं।

माना जा रहा है कि मंदिर के निर्माण में देश विदेश से काफी सहयोग प्राप्त हुआ है, जिसके चलते इस मंदिर के निर्माण में अरबों रुपए खर्च होंगे और ये मंदिर नए भारत की आधारशिला बनेगा।

इतना ही नहीं, अयोध्या नगरी में बनने जा रहा ये विशाल राम मंदिर पूर्वांचल उत्तर प्रदेश को विकास के नए मार्ग पर ले जाने की पगडंडी बनेगा। इस तरह से, श्रद्धालु अगले साल तक रामलला के दर्शन कर सकेंगे, जबकि 2025 तक सम्पूर्ण मंदिर तैयार हो जाएगा।

जिसके निर्माण का जिम्मा कई सारी निजी कंपनियों के हाथों में सौंपा गया है।राम मंदिर कुल मिलाकर तीन मंजिला इमारत का बनेगा। जिसकी पहली मंजिल पर रामलला विराजित होंगे।

यानी पहली मंजिल पर रामलला का गर्भ गृह होगा, उसके बाद कीर्तन मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप आदि बनेगा। राम मंदिर का सम्पूर्ण परिसर 400 खंभों पर टिका होगा, जबकि मंदिर को गुलाबी रंग के पत्थरों से सजाया जाएगा।

तो वहीं राम मंदिर का परकोटा लगभग 60 फीट ऊंचा होगा। साथ ही राम मंदिर के परिसर में भगवान श्री राम के जीवन की समस्त गाथा को झलकियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

यहां पढ़िए राम मंदिर के निर्माण से जुड़ी अन्य जानकारियां

Ram Mandir Ayodhya
  •  राम मंदिर के निर्माण के चलते अयोध्या नगरी को भी आधुनिक प्रकार के सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जा रहा है। यहां तक कि अयोध्या के हर चौराहे पर एलईडी लगाई गई हैं, जहां मंदिर के भव्य निर्माण कार्य को दर्शाया जा रहा है।

  • मंदिर की प्लिंथ जोकि करीब 20 फुट ऊंची है, उसका निर्माण कार्य भी जारी है। जिसमें करीब 1700 ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही प्लिंथ के निर्माण में 5×3×2 क्यूब पत्थर प्रयोग किए जायेंगे। जिसके नीचे भी करीब 4 फीट ग्रेनाइट पत्थरों को बिछाया जाने वाला है।

  • जबकि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए एक विशाल हॉल का निर्माण भी जारी है। जिसका राम मंदिर से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग करीब 100 फुट चौड़ा बनाया जाएगा।

  • राम मंदिर की दीवारों, खंभों, छत, फर्श आदि पर काफी सुन्दर और खूबसूरत नक्काशी की जाएगी। और इसी साल 24 जनवरी से मंदिर के सबसे ऊंचे अधिष्ठान का निर्माण कार्य भी आरंभ हो चुका है। 

  • मंदिर के ट्रस्टियों की मानें तो मंदिर का निर्माण हो जाने के पश्चात वहां के परिसर में एक साथ करीब 2 लाख श्रद्धालु रुक सकेंगे।

  • राम मंदिर का गर्भ गृह करीब 10.50 मीटर लंबा बनाया जाएगा, जोकि मंदिर की पूर्व दिशा में स्थित होगा। जहां जाने के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को करीब 32 सीढ़ियां चढ़नी होगी, तब जाकर उन्हें रामलला के दर्शन होंगे। रामलला के गर्भ गृह का रास्ता सीधे सुग्रीव किले से होकर जाएगा।

  • माना जा रहा है कि राम मंदिर के निर्माण में जिस सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस हिसाब से मंदिर एक हजार साल से भी अधिक समय तक अखंड रहेगा। साथ ही मंदिर के निर्माण में भूकंप रोधी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है।

  • राम मंदिर में एक परिक्रमा पथ भी बनाया जाएगा, जहां एक समय पर करीब 5000 से अधिक श्रद्धालु एक साथ परिक्रमा कर सकेंगे।

  • अयोध्या स्थित नाथ नगरी में भगवान श्री राम से संबंधित दस्तावेजों के लिए ग्रंथगार, वाचनालय, अभिलेखागार आदि बनाया जाएगा।

  • राम मंदिर के म्यूजियम में उन सबूतों, शिलालेखाें और अवशेषों को रखा जाएगा, जोकि यहां मस्जिद से पहले मंदिर होने का दावा करते हैं।

  • आधुनिक सुविधाओं से लैस इस मंदिर में सीढ़ियों के अतिरिक्त लिफ्ट, एक्सीलेटर, क्लॉक रूम, रैम्प, प्रसाद घर, सत्संग भवन, ऑडिटोरियम, मल्टीलेवल पार्किंग, उद्यान, प्रतीक्षालय आदि मौजूद होगा।

  • मंदिर के चार भव्य द्वार बनाए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर में, वेदशाला, गोशाला और यज्ञशाला भी होगी। 

इस प्रकार, राम मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जहां मंदिर के निर्माण में 250 से अधिक मजदूर लगे हुए है, जो दिन-रात भव्य राम मंदिर के निर्माण का काम कर रहे हैं।

ऐसे में राम मंदिर आधुनिक भारत का प्रतीक बनेगा, जिसके बनने के बाद उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से अयोध्या पहुचेंगे और रामलला के दर्शन करेंगे।

इस दौरान अयोध्या में भगवान श्री राम के गुणों का बखान करने, राम मंदिर के इतिहास को आने वाली पीढ़ी के समक्ष रखने के लिए गाइड आदि की नियुक्ति की जाएगी, जो मंदिर से जुड़े भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में प्रत्येक श्रद्धालु को बताएंगे।

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अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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