पटियाला के महाराज का चोरी हुआ नेकलेस Met Gala 2022 में आया नज़र, जानिए किसने पहना

met gala 2022 necklace

अभी कुछ दिनों पहले ही मेट गाला सम्पन्न हुआ था। इसे फैशन की दुनिया की सबसे बड़ी रात भी कहा जाता है। इसमें लोग न जाने कैसी कैसी इतनी अतरंगी चीज़ें पहनकर जाते हैं, उनके विचित्र लुक से देखने वालों का खूब मनोरंजन होता है। लगभग हर बार ही यहां जाने वाले प्रत्येक सेलेब्रिटी के पहनावे की खूब चर्चा होती है, सुर्खियों में चारों ओर उन्हीं की चर्चायें होती हैं।

जोकि इस बार भी जोरों शोरों से हुई। लेकिन इस बार ये चर्चा भारत से जुड़ी हुई है।अमेरिका की पॉपुलर यूट्यूबर एम्मा चैंबर्लेन अपने नेकलेस के लिए के लुक को लेकर काफी चर्चा में है। लग्ज़री ज्वेलरी मेकर कार्टियर के द्वारा बनाया गया उनका ये नेकलेस असल में भारत से ‘चोरी’ किया गया है। दरअसल ये नेकलेस पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह का है।

इस वर्ष तय किया गया ड्रेस कोड

प्रत्येक वर्ष मेट गाला सभी सेलेब्रिटीज के लिए एक ड्रेस-कोड रखता है। इस साल का ड्रेस-कोड ‘गिल्डेड ग्रामर’ रखा गया था। गिल्डेड का मतलब होता है,‘सोने का पानी चढ़ा हुआ’ और ग्लैमर मतलब होता है, जो थोड़ा चमक-धमक सा। ये थीम अमेरिका की 19वीं सदी की ‘गिल्डेड एज’ को एक ट्रिब्यूट देने के लिए रखी गई थी।

अब आप सोचेंगे कि गिल्डेड एज क्या होता है? दरअसल गिल्डेड एज सन् 1870 और 1890 के दौर का अमेरिका है, जहां इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के बाद समृद्धि और कल्चरल में बदलाव आ रहे थे। 

हालांकि, यूक्रेन और रूस के मध्य में चल रहे युद्ध, तेजी से बढ़ती महंगाई और पूरी दुनिया में अपने पांव पसारे कोविड के कहर की वजह से इस तरह की थीम रखने के लिए मेट गाला की बहुत अधिक आलोचना भी हो रही है। लेकिन इतनी आलोचना होने के बावजूद भी इवेंट तो अभी हो 2 मई 2022, को न्यूयॉर्क में हो भी चुका है। 

गिल्डेड ग्लैमर थीम के तहत लोग पूरी तरह से अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन देने के मूड में थे। लग्ज़री ज्वेलरी ब्रैंड कार्टियर की ब्रांड एंबेसडर एम्मा चैंबर्लेन थी, जिन्होंने लुइ विट्टॉन की खूबसूरत ड्रेस पहनी थी और सन् 1911 का डायमंड नेकलेस पहना हुआ था। एक इंटरव्यू में उन्होंने ये तक कहा कि गिल्डेड एज ग़ैर-मामूली चीज़ों से भरी हुई थी और उन्होंने ऐसा ग़ैर-मामूली नेकलेस पहले कभी नहीं देखा था। यही नहीं करना चाहिए था। 

साउथ एशियाई समुदाय के लोग, ख़ासतौर पर भारतीय अमेरिकन्स हाथ धोकर एम्मा और कार्टियर के पीछे पड़ गए हैं। कुछ लोगों ने तो ये तक कह दिया था कि, ‘चोरी का सामान’ पहनकर शान दिखाते हुए तो आज तक ऐसे किसी को भी नहीं देखा है, जैसे ये दिखा रही है। इस बात को लेकर सभी लोगों ने इनकी खूब बेज्जती की। 

पटियाला नेकलस की पूरी कहानी

Patiala Necklace Seen In Met Gala 2022 Source: TheEconomicTimes

दरअसल बात ये है की ये पटियाला नेकलेस एक बहुत ही खास किस्म के डायमंड्स से बना हुआ है, जिसे ‘डी बीयर्स’ डायमंड कहा जाता है। कथित तौर पर सन् 1928 में पटियाला के महाराज भूपेंद्र सिंह के लिए ये बेशकिमती नेकलेस बनाया गया था, जिसमें जड़े कुल हीरों की संख्या 2900 थे।

उस समय में डी बीयर्स दुनिया का सातवां सबसे बड़ा डायमंड था। और सोने की प्यूरिटी का क्या माप है, 24 कैरेट। उस समय ये हीरा 234 कैरेट का था बहुत अधिक महंगा। सन् 1948 में भारत की स्वतन्त्रता के बाद पटियाला की रॉयल ट्रेज़री में से ये नेकलेस ग़ायब हो गया था, जिसे किसी ने चोरी हो कर लिया था।

इंटरनेशनल मीडिया वेबसाइट माशबल के हिसाब से, सन् 1982 में जेनेवा में हुई एक नीलामी के समय ये नेकलेस भी डाइस पर बोली लगाने के लिए रखा गया था। किसी ने उसकी बोली लगाई और महाराजा का नेकलेस वहीं बिक गया।

अब इस नेकलेस के साथ इतना कुछ हुआ तो वो अपनी पुरानी शान में तो बिल्कुल भी नहीं रहा। उसमे से कुछ हीरे गिर गए तो कुछ हीरे चोरी हो गए। फिर सन् 1998 में जाकर लंदन के एक सेकंड-हैंड ज्वेलरी स्टोर से कार्टियर को इस नेकलेस का एक हिस्सा मिल गया।

जानकारी के अनुसार कार्टियर ने इस नेकलेस को पुनर्निर्मित किया, इसके खोये हुए पुर्जो पर कार्टियर ने दूसरे नकली पुर्जे लगाए और इस नेकलेस को चमका कर फिर से वास्तविक जैसा बना दिया।लोगों ने ज्यों ही इस पर ध्यान दिया, त्यों ही सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर घमासान विरोध शुरू हो गया।

वैसे भी हिंदुस्तानी आज तक अंग्रेज़ों द्वारा चुराए हुए कोहिनूर को लेकर बहुत क्रोध में हैं और अब तो बहुत ही भावुक भी हो गये हैं। हालांकि, अब क्या ही किया जा सकता है।लगभग 50 सालों के बाद, इसकी खोज डायमंड कार्टियर के प्रतिनिधि एरिक नुसबाम ने लंदन में की थी। हालाँकि ये केवल आधा हार ही था। जिसमें डी बियर्स डायमंड और बर्मी रूबी शामिल थे।

तब कार्टियर ने हीरे और माणिक के बिना ही डी बियर्स जोड़कर इस हार को पुनः बनाने का फैसला किया। लेकिन जल्द ही एम्मा चेम्बरलेन मेट गैला में इस हीरे के हार को पहनकर घुसते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गयी। ऐसा दावा किया गया था कि ये हार पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह का था। एम्मा, कार्टियर की ब्रांड एंबेसडर हैं और उन्होंने मेट गाला के लिए वही गहने पहने थे।

आखिरकार कौन थे महाराजा भूपीदार सिंह?

भूपिंदर सिंह पटियाला संस्थान के महाराजा थे। वे एक क्रिकेट के खिलाडी भी थे। उन्होंने सन् 1900 से 1938 तक पटियाला पर शासन किया। भूपिंदर सिंह के रंगीन मिजाज के बहुत से किस्से बहुत आम थे। कहा जाता है कि भूपिंदर सिंह की 10 बार विवाह हुआ,लेकिन उनकी रानियां 300 से भी अधिक थीं।

भूपिंदर सिंह के लगभग 88 बच्चे थे, जिनमें से मात्र 53 ही जीवित रह गए थे। भूपिंदर सिंह का जन्म 12 अक्टूबर सन् 1891 को हुआ था। मात्र 9 साल की छोटी उम्र में ही भूपिंदर सिंह ने राजगद्दी संभाल ली थी।

दीवान जरमनमणि दास ने भूपिंदर सिंह के रंगीन मिजाज की कहानी अपनी किताब ‘महाराजा’ में स्पष्ट कही है। महाराजा भूपिंदर सिंह ने एक भव्य इमारत का निर्माण कराया था। इस इमारत का नाम ‘लीला भवन’ था, जिसे ‘रंगरलियों का महल’ के नाम से भी जाना जाता है। लोग बिना कपड़ों के इसमें प्रवेश कर सकते थे।

इस महल में भूपिंदर सिंह ने 300 से अधिक महिलाओं को रखा जिनके साथ उनके संबंध थे। भूपेंद्र सिंह ने इस महल में अपने लिए एक कमरा आरक्षित किया था, जिसका नाम ‘प्रेम मंदिर’ था। भूपिंदर सिंह के अलावा किसी और को वहाँ जाने की अनुमति नहीं थी।

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