बालाजी मंदिर से चोरों ने चुराई 14 मूर्तियां, रातभर आए डरावने सपने तो चिट्ठी लिख लौटाया

Thieves stole 14 idols from Balaji temple

अभी हाल ही में चोरों के एक बड़े समुह ने उत्तरप्रदेश के एक प्राचीन हिंदू मंदिर से मूर्तियाँ चुरा लीं गई। लेकिन फिर अचानक एक दिन एक दर्जन से अधिक मूर्तियों को ये कहते हुए लौटा दिया गया है कि ये अपराध करने के बाद से ही हमें बुरे सपनों ने हमारा जीना हराम कर रखा है। हम बहुत परेशान हो गए हैं। 

आपको बता दें कि कोतवाली शहर के तरौहां क्षेत्र में बने 300 साल पुराने बालाजी मंदिर से बीते 9 मई को अष्ट धातु, पीतल और तांबे की 16 मूर्तियां चोरी हुई थीं। मंदिर के पंडित राम बालक दास जी ने बताया कि मंदिर के द्वार का ताला तोड़कर चोरों ने अष्टधातु से बनी 5 किलो की श्रीराम की मूर्ति, पीतल की राधाकृष्ण की मूर्ति, बालाजी की मूर्ति और लड्डू गोपाल की मूर्ति समेत नकदी और चांदी का सामान चोरी कर लिया।

जब पंडित जी सुबह मंदिर परिसर में पहुंचे तो देखा की वहाँ ताला गिरा पड़ा हुआ था। मंदिर प्रशासन ने मूर्ति चोरी की घटना पर क्रोध व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द चोरों को नहीं पकडा गया और मूर्तियां वापस मंदिर में नहीं स्‍थापित की गईं तो आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मंदिर परिसर के आस पास कई बुरी नियत वालों ने अपना अड्डा बना लिया है।

वे लोग यहां पर शराब और जुआ खेलते हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। अब इन लोगों ने मंदिर को ही निशाना बनाकर यहां पर चोरी की इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने कहा कि मामले में मंदिर के पंडित जी की ओर से एक तहरीर दी गई थी।

मुकदमा पंजीकृत करते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मूर्ति चोरी होने के बाद लोगों में बहुत तेज़ आक्रोश देखने को मिल रहा है और पुलिस पर जल्द ही चोरी का खुलासा कर मूर्तियां बरामद करने का दबाव बनाया जा रहा है। 

पुलिस निरीक्षक राजीव सिंह ने एएफपी को बताया कि समूह ने पिछले हफ्ते भगवान बालाजी के 300 साल पुराने मंदिर जहाँ भगवान विष्णु के रूप बाला जी विराजमान हैं वहाँ से 16 मूर्तियां चुरा लीं। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात वे उनमें से 14 को उत्तरप्रदेश के चित्रकूट जिले में मंदिर के मुख्य पुजारी के घर के पास छोड़ गए।

आगे राजीव सिंह ने कहा कि उन्होंने वहाँ एक स्वीकारोक्ति पत्र भी छोड़ा जिसमें लिखा गया था कि वे मूर्तियों को लौटा रहे हैं क्योंकि वे डरावने सपने देख रहे थे।” इस पत्र मे उन्होंने माफी भी मांगी। उन मूर्तियों में से एक अष्टधातु से बनी थी, आठ धातुओं की मिश्र धातु और इसका वजन लगभग पांच किलो था, और इस ढोना में देवताओं को सजाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चांदी के गहने भी शामिल थे।

पुलिस निरीक्षक राजीव सिंह ने कहा कि मूर्तियों में से एक अष्टधातु से बनी थी, एक मिश्र धातु जिसमें आठ अलग-अलग धातुएँ शामिल थीं: सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा और पारा। मंदिर परिसर ने धातु के विषय मे समझाया कि अष्टधातु का व्यापक रूप से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

जो टिकाऊ होने के लिए बनाई जाती हैं और बिना किसी क्षय के वर्षों तक चलती हैं। टीओआई ने बताया कि “पवित्र” मिश्र धातु से बनी एक मूर्ति को चुराने के अलावा, चोरों ने क्रमशः तांबे, पीतल और चांदी से बनी मूर्तियों और विभिन्न कलाकृतियों को भी चुरा लिया था। 

Thieves stole 14 idols from Balaji temple

अभी तक चोरों का पता नहीं लगा सकी पुलिस

जानकारी के अनुसार ये पता चला है कि चोरों ने अपने हिंदी भाषा के स्वीकारोक्ति पत्र में, उन्होंने कहा कि “हम सोने, खाने और शांति से जीने में सक्षम नहीं हैं। हम डरावने सपनों से तंग आ चुके हैं और आपका कीमती सामान लौटा रहे हैं।

” दरअसल मूर्तियाँ अब पुलिस के हाथ में हैं, पुलिस को उन चोरों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 380 (चोरी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

हाल ही में आंध्र प्रदेश के एक मंदिर से चोरी हुए चांदी के जेवर लेकर भागने की कोशिश में एक चोर अपने लिए खोदे गए गड्ढे में खुद ही फंस गया। ये घटना श्रीकाकुलम जिले के कांची मंडल के अंतर्गत आने वाले जादुपुडी गांव की है। शख्स की पहचान 30 वर्षीय आर पापा राव के रूप में हुई है।

वो शराब का आदी बताया जा रहा है। वो एक छोटी सी खिड़की से जादुपुडी गांव के जामी येल्लम्मा मंदिर में घुस गया और मूर्तियों के सभी चांदी के गहने लूट लिए।इन गहनों का वजन करीब 20 ग्राम बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर राव की कई तस्वीरें सामने देखने को आई हैं। तस्वीरों में उन्हें स्पष्ट बेहद असहज स्थिति में दीवार में फंसा हुआ देखा जा सकता है।

कई स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोर राहगीरों से लगातार मदद की गुहार लगा रहा था। पुलिस ने दावा किया कि उसने शराब की लत को पूरा करने के लिए इससे पहले भी बहुत से अपराध किए हैं। पुलिस ने कहा कि राव को इसके लिए जिला पुलिस हिरासत में रखा जाएगा और उनके खिलाफ पूर्व में मामले दर्ज किए जाएंगे।

इससे पहले उसने अपनी ही मां के घर से एलपीजी सिलेंडर चुराया था। उसके खिलाफ इसी तरह के अपराधों के लिए कई अन्य मामले भी दर्ज हैं।दिलचस्प रूप से पर्याप्त, द वाशिंगटन पोस्ट ने पहले बताया था कि भारतीय मंदिरों से हजारों मूर्तियों को चुरा लिया गया है और “एक समृद्ध अंतरराष्ट्रीय ग्रे मार्केट के माध्यम से संग्रहालयों और धनी संग्राहकों” को बेच दिया गया है।

शौकिया कला जासूस एस. विजय कुमार ने अखबार को बताया कि कानून के ढीलेपन के कारण भारत को हमेशा इटली जैसे स्थानों की तुलना में प्राचीन वस्तुओं की तस्करी के लिए उचित खेल माना जाता था। 

क्या है Places of Worship Act, 1991

Featured image: siasat

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