Page speed kya hota hai?

यह एक ऐसा सवाल है जो सिर्फ SEO expert ही नहीं बल्कि, हम user होकर भी समझ सकते हैं। जब भी हम कोई site खोलते हैं तो केवल 3 से 4 सेकंड उसके खुलने का इंतजार करते हैं। यदि कोई साइट इससे ज़्यादा समय लगाए तो हम तुरंत उसको बन्द करके कोई और site पर चले जाते हैं। स्पष्ट शब्दों में यदि आपकी site खुलने में ज़्यादा समय ले तो chances हैं कि यूजर आपकी साइट के खुलने से पहले ही उसको बन्द करके चला जाएगा।

हम सब ऐसा ही करते हैं, तो जब हम खुद site owner होंगे तो हम भी users से यह उम्मीद नहीं के सकते की वो हमारी page loading speed अनुसार चलेंगे। यह को ज़माना है जहां पर fastest ही best होता है। सिर्फ users ही नहीं बल्कि गूगल भी SERP पर ranking करने के लिए pagespeed जैसे factors को ध्यान में रखता है। तो आइए इसके बारे में विस्तार से समझते हैं।

धीमी page speed के कारण

User होकर जब हम किसी site को खोलने के लिए केवल एक click करते हैं, हमें कोई अंदाजा नहीं होता कि उस एक click के पीछे एक second में कितना कुछ process होता है। Site के हमारे screen पर खुलने से पहले server में बहुत सारी processing होती है इसलिए Page की loading speed कम या ज़्यादा होने की कोई भी एक वजह नहीं होती, बहुत सारे कारण मिल कर loading speed को प्रभावित करते हैं:-

  • तस्वीरों की मात्रा: यह सच है कि तस्वीरों के बिना आपकी site का content बहुत फीका और खाली लगता है परन्तु ज़्यादा मात्रा में तस्वीरें लगाने से आपके SERP  रैंक में नुकसान भी ही सकता है। 
  • अच्छी Coding की कमी: Coding हर website की रीड की हड्डी होती है, यदि इसमें कोई कमी हो तो पूरी site को नुक़सान होता है। अपनी website की coding किसी specialised web designer से करवाए। कोडिंग की ग़लतियों की वजह से पेज की लोडिंग slow हो सकती है।
  • अन्य: कुछ अन्य चीजें जैसे ज़्यादा redirects, ज़्यादा traffic, ज़्यादा flash content, cache का प्रयोग ना करना आदि भी धीमी loading स्पीड के कारण हैं। इन सबको chapter में आगे विस्तार से समझेंगे।

सुझाव – Page Speed Improvement Tips

page speed kaise improve karein
  • Image optimization: जो तस्वीरें ज़रूरी नहीं है या फिर background सजाने के लिए लगाई गई हैं, उन्हें हटा दें या उनका size कम करें। खोज के मुताबिक आपकी site की तस्वीरें 100Kb से नीचे होनी चाहिए नहीं तो page की लोडिंग speed कम हो जाती है।
  • Delete unused javascript: हमारी website पर सिर्फ ज़रूरी चीजें होनी चाहिए, अगर कोई ऐसी चीज़ है जो किसी खास पेज पर है तो उसे हमे बाकि सब pages से हटा देना चाहिए। उदहारण के लिए एक webpage में कई files use होती हैं जैसे – fonts की file, CSS files, javascript files etc. ये सब files हमे उन्ही pages पर use करनी चाहिए जिसमे उनकी जरूरत हो। इससे बाकि सब pages light रहेंगे और जल्दी load होंगे।
  • Cache: यह वो जादू की छड़ी है जो हमेशा काम करेगी। अपने web pages को cache करने से वो server पे एक तरह से store हो जाते हैं, जब user उनको फिर से खोलता है तो server उसको पहले से store हुआ page दिखाता है। इससे server और user दोनों के लिए काम आसान हो जाता है और pagespeed की सिरदर्द खत्म हो जाता है।
  • Minimise html: Coding करते समय बहुत सारी ऐसी चीजें लिखी जाती हैं जो हमें इंसानों को पढ़ने में आसानी देती है मगर google के लिए loading समय बड़ा देती हैं। जैसे extra spaces या कुछ lines enter करके अगली लाइन में लिखी होना, ऐसी चीजें coding की overall लम्बाई बड़ा देती हैं इसलिए इनको avoid करना ज़रूरी है। और ना use होने वाले html tags को भी हटाए ताकि इससे आपकी html coding minimise हो जाए और लोडिंग का समय कम हो जाए।
  • AMP: इसका पूरा नाम है Accelerated Mobile Pages. यह pages एक तरह से असली web pages की कॉपी होती हैं जिनकी html coding थोड़ी सी छोटी की जाती है ताकि यह जल्दी load हो सकें। 
  • Redirects avoid करें: हम पिछले chapters में भी redirect का मतलब समझ चुके हैं।यह वो links होते हैं जो user को खुद एक site से दूसरी site पर भेज देते हैं। यह कार्य एक तरह से page लोडिंग time को बढ़ा देता है। जितने ज़्यादा redirect होंगे, user को असली destination पर पहुंचने में इतना ज़्यादा समय लगेगा। हो सकता है ज़्यादा redirects से परेशान होने वो आपकी साइट छोड़कर चला जाए। इसलिए redirects को जितना हो सके avoid करें।
  • Fonts को optimise करें: सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा कि fonts का speed से क्या रिश्ता है मगर यह एक important point है। ज़्यादा अलग अलग fonts का प्रयोग ना करें, जितने कम font changes होंगे, उतनी अच्छी speed होगी।

Google PageSpeed Insights Tool

यह google द्वारा दिया एक ऐसा tool है जो हमें हमारे पेज की loading स्पीड के बारे में सारी जानकारी देता है। यह हमें हमारी pagespeed बताने के साथ उसकी कमियाँ और उसको बेहतर करने के सुझाव भी देता है।

आपकी pagespeed को तीन रंगों द्वारा categorise किया जाता है। हरा या पीला रंग अच्छी pagespeed को अंकित करता है, लाल रंग मतलब आपको अभी page speed optimise करने की आवश्यकता है। 

इसके नीचे आपको विस्तार में समझाया जाएगा की pagespeed में क्या क्या कमी है और उसको ठीक करने के लिए tips भी दिए जाएंगे। यदि वो कमियों को सुधार के आपका insights tool पे pagespeed score बेहतर हो जाता है तो SERP पर आपकी site का rank ऊंचा होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

Conclusion

करीब 200 factors हैं जो आपका SERP रैंक निर्धारित करते हैं। Pagespeed उनमें से सिर्फ एक कारण है परन्तु फिर भी यह बहुत महत्वपूर्ण है नहीं तो ऊंचा रैंक मिलने के बाद भी users आपकी site को छोड़कर जा सकते हैं यदि आपकी loading का समय ज़्यादा है। इसलिए SEO करते समय उपर्युक्त  लिखे tool का अच्छे से प्रयोग करें और सारे tips को ध्यान में रखें।


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