Krishna Quotes in Hindi – भगवान श्री कृष्ण के अनमोल विचार

Shri Krishna Quotes in Hindi

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत युद्ध के दौरान पांडव अर्जुन से कहा था कि……

“जब जब धरती पर अत्याचार और पाप बढ़ जाता है, धर्म की ग्लानि होने लगती है। तब तब मैं धरती पर अवतार लेता हूं।”

इस प्रकार, जब भी धरती पर मानव जीवन का अस्तित्व संकट में होता है। तब जगत के पालनहार भगवान विष्णु यहां जन्म लेते हैं और अपने ज्ञान की वर्षा करके मनुष्यों की रक्षा करते हैं। ऐसे में यदि हम भगवान श्री कृष्ण द्वारा बताए गए अनमोल विचारों को अपने आचरण में उतर लेते हैं।

तो अवश्य ही जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। इसलिए आज हम आपके लिए भगवान श्री कृष्ण के अनमोल विचारों की श्रृंखला लेकर आए हैं। ताकि उन्हें पढ़कर आप जीवन में उत्साहित हो सकें।


भगवान श्री कृष्ण के अनमोल विचार

1.  व्यक्ति को सदैव कर्म बिना किसी डर के करना चाहिए।


2. जहां व्यक्ति को अमीर बनने के लिए एक एक क्षण संग्रहित करना पड़ता है। तो वहीं अमर होने के लिए उसे कण कण बांटना होता है।


3. मनुष्य जीवन में खुशी का सबसे बड़ा रहस्य इच्छाओं का त्याग करना है।


4. अशांत मन को नियंत्रित करना कठिन होता है लेकिन उसे प्रयास करके शांत किया जा सकता है।


5. जो व्यक्ति संदेह या शक करता है, वह तीनों लोकों में खुश नहीं रह सकता है।


6. यदि किसी व्यक्ति के मन रूपी पात्र में किसी के प्रति विश्वास नहीं है, तो वहां प्रेम भी नहीं ठहर सकता है।


7. मनुष्य को अपने आवश्यक कार्य सदैव करते रहना चाहिए। क्योंकि वास्तविकता में कार्य करना निष्क्रियता से कहीं अधिक श्रेष्ठ होता है।


8. जो व्यक्ति बुद्धिमान है और समाज के लिए कार्य करना चाहता है, उसे बिना आशक्ति के कार्य को निष्पादित करना चाहिए।


9. जो व्यक्ति अपने कर्मों में आनंद की अनुभूति प्राप्त कर लेता है, वह जीवन में पूर्णता की प्राप्ति कर लेता है।


10. मनुष्य के अपने लोगों की परख कठिन परिस्थितियों में की जाती है। उसी दौरान उसे ज्ञात होता है कि कौन उसका अपना है और कौन पराया।


11. इस दुनिया में कोई भी व्यक्ति हमारा शत्रु और मित्र नहीं बनकर आता है। बल्कि हमारा व्यवहार ही यह निर्धारित करता है कि वह हमारा शत्रु होगा या मित्र।


12. जब आप किसी अच्छे इंसान के साथ विश्वासघात करते हैं या उसे धोखा देते हैं। तो यह हीरे का त्याग करके पत्थर को अपनाने जैसा है।


13. कोई काम यदि खुशी के लिए किया जाता है, तो उसको करके खुशी नहीं मिलती है। जबकि यदि आप कोई काम खुशी के साथ करते हैं, तो उसमें अवश्य प्रसन्नता मिलती है।


14. इस सम्पूर्ण संसार में सब कुछ ईश्वर द्वारा प्रदत्त है। ऐसे में यदि आप किसी जीव को चोट पहुंचाते है, तो आप मुझे कभी खुश नहीं कर सकते हो।


15. अगर बुरे लोग समझाने मात्र से सुधर जाते तो कदाचित महाभारत का युद्ध नहीं होता।


16. अगर कोई व्यक्ति जो अधिक हंसता हो और अधिक बोलता हो। लेकिन यदि एकाएक वह चुप हो जाएं तो समझ लेना वह अंदर से टूट चुका है।


17. किसी भी व्यक्ति के भरोसे का अंत करके कभी भी अवसर का लाभ नहीं उठाना चाहिए।


18. जीवन में प्रेम ही ऐसा योग है, जिसमें कभी वियोग नहीं होता। इसका अंतिम चरण मिलन होता है।


19. व्यक्ति को स्वयं की योग्यता पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए। क्योंकि पत्थर भी वजनदार होने के बावजूद जब पानी में जाता है, तो डूब ही जाता है।


20. ईश्वर अगर किसी मनुष्य को उसके भाग्य से मिलवाने में काफी इंतज़ार करवाते हैं, तो समझ लेना कि उस व्यक्ति को उससे अधिक मिलने वाला है। जितना कि उसने ईश्वर से मांगा है।


21. जीवन ना भविष्य है और ना भूतकाल। जीवन तो केवल इसी पल की कहानी है, जो आप अभी जी रहे हो।


22. आपके भाग्य में विधाता ने जो लिखा है, उसे स्वयं में भी नहीं बदल सकता हूं। अगर ऐसा होता तो मैं राधा से प्रेम करता था, लेकिन मुझे मीरा ने चाहा और मैं रुक्मणि का हो गया।


23. जब कोई व्यक्ति क्रोध में होता है, तो उसके मन में भ्रम बस जाता ही और बुद्धि का क्षय हो जाता है। 


24. अपने हिस्से की मेहनत किए बिना फल की प्राप्ति करने वाले लोग चोर कहलाते हैं।


25. जो मनुष्य आपकी भावनाओं की कद्र नहीं करता है, उसके साथ रहने से बेहतर है कि आप अकेले ही चलें।


26. जो मनुष्य जरूरत से ज्यादा सीधा होता है, उसका विनाश सबसे पहले होता है। क्योंकि जंगल में सीधे पेड़ पहले काटे जाते हैं।


27. मनुष्य योनि में जन्मे लोगों को जीवन की इस महाभारत में स्वयं ही श्री कृष्ण जैसा सारथी और अर्जुन जैसा महारथी बनना पड़ता है। 


28. जिन लोगों की किस्मत अच्छी होती है, वह बुरा होने पर ईश्वर को दोष देते हैं। और जिनकी किस्मत सदैव ही खराब रहती है, वह थोड़ा सा भी अच्छा हो जाने पर ईश्वर को धन्यवाद देते हैं।


29. किसी को मुंह से बोलकर क्षमा कर देना आसान है लेकिन उस दिन से माफ करना आसान नहीं होता है।


30.एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से संबंध तभी जुड़ता है, जब उनका पिछले जन्म में कोई रिश्ता रहा होता है। वरन् दुनिया की इस भीड़ में कौन किसको जानता है।


31. भगवान अच्छे लोगों की परीक्षा लेते हैं और उनका साथ भी देते हैं। लेकिन बुरे लोगों को संपत्ति देते हैं लेकिन उनका साथ नहीं देते हैं।


32. इतिहास बीते हुए कल के सुख की बात करता है, विज्ञान आने वाले कल के सुख की बात करता है, परन्तु धर्म कहता है यदि तुम सच्चे हो, तो हर रोज सुख पाओगे।


33.  अज्ञानी व्यक्ति स्वार्थ लिप्त होकर कार्य करते हैं और बुद्धिमान व्यक्ति विश्व कल्याण के लिए काम करते हैं।


34. इंसान जब भी किसी गलत कार्य को अंजाम देता है। तो वह दांए, बाएं, आगे, पीछे देखता है लेकिन वह ऊपर देखना भूल जाता है।


35. इस संसार में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति आवश्यक है। हर किसी के अंदर अपनी ताकत और क्षमता होती है, हमें किसी का अनादर नहीं करना चाहिए।


36. जिस प्रकार से मैंने कई जन्म लिए है। उसी प्रकार से तुमने भी कई जन्म लिए हैं। ना ही यह मेरा आखिरी जन्म है और ना ही यह तुम्हारा।


37. यदि आप अपने लक्ष्य में सफ़ल नहीं हो पा रहे हो, तो अपनी रणनीति बदलो, लक्ष्य नहीं।


38. अनियंत्रित मन व्यक्ति के जीवन में एक शत्रु की भांति होता है।


39. कोई भी व्यक्ति अपने विश्वास के आधार पर ही निर्मित होता है। वह जैसा सोचता है, ठीक वैसा ही बन जाता है।


40. कर्मों का फल व्यक्ति को उसी प्रकार से ढूंढ लेता है, जैसे एक बछड़ा अपनी मां को गायों के झुंड में पहचान लेता है।


41. व्यक्ति को अपने मन से अपना पराया, तेरा मेरा आदि बातों को निकाल देना चाहिए। क्योंकि यह सब तुम्हारा है और तुम सबके हो।


42. आनंद की अनुभूति शरीर के भीतर होती है, बाहरी दुनिया से इसका कोई वास्ता नहीं होता है।


43. इस दुनिया में यदि कोई व्यक्ति किसी सम्मानित व्यक्ति का अनादर करता है, तो वह उसके लिए मृत्यु से भी बदतर है।


44. जो व्यक्ति प्रबुद्ध संपन्न है, उसके लिए गंदगी का ढेर और सोना एक ही समान है।


45. मेरे लिए दुनिया के समस्त प्राणी समान है। लेकिन जो मेरी भक्ति करता है, वो मेरे हृदय के अत्यधिक निकट होता है।


46. इस दुनिया में रहकर नरक प्राप्ति के तीन रास्ते है, पहला वासना, दूसरा क्रोध और तीसरा लालच।


47. ईश्वर वहीं नजर आता है जहां आस्था और प्रेम एक साथ होता है।


48. दुखों की अधिकता का मूल कारण जीवन में आशाओं का होना होता है, इसलिए इनका त्याग करें।


49. अपनों के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए क्योंकि जो अपने होते हैं। वह आपको कभी झुकने नहीं देते हैं।


50. अगर आप स्वयं पर भरोसा रखते हैं तो वह आपकी ताकत बनता है। लेकिन यदि आप दूसरे पर भरोसा करते हैं तो वह आपकी कमजोरी बन जाता है।

इस प्रकार, भगवान श्री कृष्ण द्वारा कहे गए अनमोल वचनों को सुनकर आप अवश्य ही प्रेरित हुए होंगे। और यदि आप जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो मुरलीधर के वचनों का पालन करना शुरू कर दीजिए। तभी आप अपने इस संसार के भव सागर को पार कर पाएंगे। इसी प्रकार के प्रेरक विचारों को पढ़ने के लिए Gurukul99 पर दुबारा आना ना भूलें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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