Essay On Elephant | हाथी पर निबंध

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हाथी एक विशालकाय जानवर है। जिसका प्रयोग प्राचीनकाल में युद्ध और आपात स्थितियों में शत्रु सेना से निपटने के लिए किया जाता था। हाथी पहले राजाओं की सवारी हुआ करते थे, जिस कारण इन्हें शाही पशु का दर्जा भी दिया गया है।

वर्तमान में, हाथी जंगल या चिड़ियाघरों में पाए जाते हैं। जिन्हें बच्चों द्वारा काफी काफी पसंद किया जाता है।
हमारे आज के इस लेख में हम आपके लिए हाथी पर निबंध लेकर आए हैं, जोकि स्कूली बच्चों के लिए परीक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

हाथी का सामान्य परिचय

Essay On Elephant

हाथी आकार में काफी बड़ा और विशाल जानवर है। जिसकी ऊंचाई 10 से 11 फीट से भी अधिक होती है। जबकि हाथियों का वजन 5800 किलोग्राम तक बढ़ सकता है।आमतौर पर, हाथी गहरे स्लेटी रंग का होता है, जिसकी खाल काफी सख्त और मोटी होती है। 

कई स्थानों पर सफेद हाथी भी पाए जाते हैं। भारत में हाथी मुख्यता असम, मैसूर और त्रिपुरा के जंगलों में पाए जाते हैं, जबकि विदेशों में ये अफ्रीका बर्मा और सैलोन के जंगलों में पाए जाते हैं।

हाथी की त्वचा काफी संवेदनशील होती है, यही कारण है कि उनको चींटी के काटने पर भी काफी दर्द महसूस होता है। 

हाथी की एक सूंड, चार पैर और एक पूंछ होती है। हाथी की सूंड काफी मजबूत और लचकदार होती है। वह अपनी सूंड का इस्तेमाल भोजन करने, पानी पीने, भारी सामान उठाने और सांस लेने इत्यादि में करता है।

हाथी के पैरों में चार घुटने होते हैं,जिस कारण ये आसानी से बैठ सकते हैं। इसकी गर्दन काफी छोटी होती है, जिस कारण वह इसे आसानी से घुमा नहीं सकता है।

हाथी के दो बड़े-बड़े कान भी होते हैं, जोकि दिन भर हिलते रहते हैं। हाथी के सुनने की क्षमता इतनी होती है, कि इन्हें हल्की सी हल्की आवाज भी आसानी से सुनाई दे जाती है। हाथी के चार पैर काफी भारी और गद्देदार होते हैं, जोकि किसी खंभे या स्तंभ से कम नहीं लगते।

हाथी पूरे दिन में करीब 10 से 12 किलोमीटर तक चल सकते हैं, जबकि इनका हृदय 1 मिनट में करीब 27 बार धड़कता है। हाथी के आगे के पैरों में 4 और पीछे के पैरों में 3 नाखून होते हैं।

हाथी के मुंह में दो दांत काफी बड़े होते है, जोकि बाहर की ओर निकले होते हैं। हाथी के पूरे मुंह में 24 दांत होते हैं। हाथी के दांतों और हड्डियों को मानवीय उपयोगी वस्तुओं के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है।

हाथी के दांतों और हड्डियों से प्लास्टिक का कई सारा सामान बनाया जाता है। हाथी के दांतों को लेकर एक कहावत भी है, कि हाथी के दांत खाने के अलग, दिखाने के अलग। यानि हाथी के आगे वाले दांत केवल दिखाने के होते हैं।

हाथी की आंखें काफी छोटी होती है, लेकिन फिर भी वह कम रोशनी में अधिक दूर तक देख सकते हैं। या कहें कि इन्हें दिन में कम और रात में अधिक दिखाई पड़ता है।

हाथी को घर में नहीं पाल सकते हैं, ये भारत में वैध नहीं है। हालांकि पूर्वी भारत में हाथी पालन एक मुख्य व्यवसाय है। हाथी एक शांत और चंचल स्वभाव का जानवर है, लेकिन जब इसे गुस्सा आता है, तो ये काफी खतरनाक हो जाता है।

जिसे संभालना सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं है। हाथी काफी समझदार, भावुक और वफादार जानवर होता है, जोकि प्रशिक्षण के बाद अपने मालिक की हर आज्ञा का पालन करता है।

सम्पूर्ण विश्व में दो प्रकार के हाथी पाए जाते हैं, एक अफ्रीकी हाथी और एशियाई हाथी। एशियन हाथी ही भारतीय हाथी कहलाते हैं, जोकि अफ्रीकी हाथियों की तुलना में छोटे होते हैं। एशियाई हाथी का वैज्ञानिक नाम एल्फास मैक्सिम्स है। तो वहीं अफ्रीकी हाथी का वैज्ञानिक नाम लोक्सोडान्टा अफ्रीकाना है।

हाथी भारत के अलावा, बर्मा, श्रीलंका, थाईलैंड, सुमात्रा, जावा, मलाया, बोर्नियो, श्याम, अफ्रीका आदि देशों में भी पाए जाते हैं। जबकि भारत में हाथी सबसे अधिक कर्नाटक राज्य में पाए जाते हैं और सफेद हाथी बर्मा में पाए जाते हैं। 

हाथी एक शाकाहारी जानवर है। जोकि जंगली फल, सरकंडे, गन्ना, पत्तियां, फल, सब्जियां, भूसा, केले, रोटी और छोटी टहनियां आदि खाते हैं। एक हाथी रोजाना 180 किलोग्राम खाना खाते हैं, जबकि 113 लीटर तक पानी पी सकता है।

हाथी एकमात्र ऐसा जानवर है, जोकि प्रतिदिन स्नान करता है। हाथी दिन के 24 घंटों में से 16 घंटे केवल खाता है, बाकी 4 से 5 घंटे वह सोता है। 

आधुनिक समय में हाथी सवारी के लिए, सर्कस में दिखाने के लिए, भारी सामान उठाने और चिड़ियाघर में प्रयोग किए जाते हैं। हाथी की आयु करीब 100 वर्ष तक होती है, जोकि लगभग 350 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है।

हाथी को हिंदू धर्म में भगवान गणेश जी का प्रतीक माना जाता है। जिसका नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में ऐरावत बताया गया है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, हाथी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी, जिसे इंद्र भगवान लेकर आए थे।

इसके अलावा, हाथी बड़ी- बड़ी तोपों, मशीनों और पेड़ों को हटाकर दूसरी तरफ कर सकता है, जिस काम के लिए काफी लोगों की आवश्यकता पड़ती है, हाथी उस काम को अकेले ही कर देता है।

मादा हाथी 4 साल में 1 बार गर्भ धारण करती है। जोकि एक बार में केवल एक ही बच्चे को जन्म देती है और इनका गर्भ धारण का समय 22 महीने का होता है।

हाथी के बच्चे की लंबाई जन्म लेने के बाद 33 इंच होती है, जबकि जन्म के दौरान हाथी के बच्चे का भार 120 किलो होता है। हाथी चलने में काफी धीमा होता है।

हाथी की सूंड में डेढ़ लाख से भी ज्यादा मांसपेशियां होती हैं। जिनसे वे करीब 8 से लेकर 9 लीटर तक पानी भर सकते हैं। जबकि अपनी सूंड से वह 350 किलोग्राम तक का वजन भी उठा सकते हैं।

हाथी सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचने के लिए अपने शरीर की त्वचा को मिट्टी में लोटता है। हाथी की त्वचा की खाल करीब 2.5 सेंटीमीटर मोटी होती है।

हाथी के बारे में रोचक तथ्य

  • हाथी इतने वजनदार होने के बाद भी पानी में आसानी से तैराकी कर सकते हैं।
  • हाथी के दो बड़े दांत साल में 7 इंच तक बढ़ते हैं।
  • हाथी के नवजात शिशु अंधे होते हैं, जोकि अपनी माता की गंध का अनुसरण करके चलते हैं।
  • हाथी खुद को शीशे में देखकर पहचान सकते हैं।
  • हाथी के कान की त्वचा काफी कोमल होती है।
  • इसकी याददाश्त काफी तेज होती है, ये किसी भी इंसान, वस्तु या जगह को सालों तक याद रख सकता है।
  • इसको करीब 280 किलोमीटर से आ रहे तूफान का पता पहले ही चल जाता है।
  • हाथी खाना खाने के बाद बहुत अधिक मात्रा में मीथेन गैस का उत्सर्जन करता है। जिससे एक कार को करीब 32 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।
  • हाथी एक घंटे में 40 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकता है, जबकि कूदना उसके लिए काफी कठिन है।
  • सम्पूर्ण विश्व में हाथियों के संरक्षण के तौर पर 12 अगस्त को हाथी दिवस मनाया जाता है।
  • हाथी दिवस को मानने का श्रेय पेट्रिसिया सिम्स और माइकल क्लार्क को दिया जाता है। 
  • हाथी इस दुनिया का सबसे विशाल स्तनपाई जानवर है।
  • आज से 5 करोड़ वर्ष पहले हाथियों की करीब 170 से अधिक प्रजातियां पाई जाती थी।
  • हाथी सबसे अधिक अफ्रीकी देश बोत्सवाना में पाए जाते हैं।
  • हाथी का बच्चा भी इंसानों के बच्चों की तरह अंगूठा चूसने के स्थान पर अपनी सूंड को चूसता है।
  • हाथी सदैव झुंड में रहते हैं, अकेले वह पागल हो जाते हैं।
  • हाथी अपनी सूंड से पेंटिंग भी कर सकते हैं।
  • जन्म के कुछ ही मिनटों बाद हाथी खड़ा होना सीख जाते हैं, जबकि जन्म के बाद उनकी आवाज इतनी धीमी होती है कि कोई व्यक्ति उसे सुन नहीं सकता है।
  • हाथी दूसरे हाथी से गंध के माध्यम से बातचीत करते हैं।
  • हाथी पानी को करीब 4 से लेकर 5 किलोमीटर की दूरी तक ही सूंघ सकते हैं।
  • धरती पर घोड़ा और हाथी ही ऐसे जानवर है, जो खड़े- खड़े सोते हैं।
  • हाथी चींटी और मधुमक्खी दोनों से ही डरते हैं।
  • हाथी थाईलैंड का राष्ट्रीय पशु है।
  • हाथी कई तरह की आवाजें निकालने में सक्षम होते हैं।
  • हाथी इंसानों की आवाज सुनकर उनके लिंग और उम्र का पता लगा सकते हैं।
  • हाथी काफी संवेदनशील होते हैं, जोकि झुंड के किसी हाथी के मर जाने पर काफी शोक प्रकट करते हैं।
  • सबसे बड़ा हाथी  (अंगोला में वर्ष 1955 में मारा गया)
  • सबसे छोटा हाथी (यूनान के क्रीट द्वीप)
  • सबसे बूढ़ा हाथी (ताइवान के चिड़ियाघर में, लिन वांग)

हाथी की पेंटिंग (फीनिक्स मॉल का रूबी नामक हाथी) पेंटिंग की कीमत 25000 डॉलर…
इस प्रकार, हाथी एक बेहद उपयोगी और विशालकाय जीव है। जिसकी आधुनिक जीवनशैली के चलते संख्या काफी कम हो गई है,

क्योंकि जंगलों और पेड़ों की अंधाधुन कटाई हाथियों के अस्तित्व को समाप्त कर रही है, ऐसे में इनके संरक्षण के लिए हम सबको प्रयत्न करने होंगे। तभी हाथियों का जीवन सुरक्षित रह पाएगा।

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अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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