मुहावरे – Muhavare in Hindi

मुहावरे की परिभाषा – Muhavare ki Paribhasha

जब कोई वाक्यांश अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी प्रकार के विशेष शब्दों और अर्थ में प्रयुक्त होने लगता है, तो वह मुहावरा कहलाता है। मुहावरा एक अरबी शब्द है जिससे तात्पर्य है बातचीत करना। हिंदी भाषा में मुहावरे को वाग्धारा कहते हैं। 

जैसे – नौ दो ग्यारह हो जाना (भाग जाना), ईद का चांद होना (बहुत दिन बाद दिखना) आदि।

हिंदी मुहावरे – Hindi ke Muhavare

  1. अंगूठा दिखाना – देने से मना करना
  2. आंसू पी जाना – दुःख को छुपाना
  3. आंखे दिखाना – क्रोध प्रकट करना
  4. आंखों पर बिठाना – आदर करना
  5. आंखें भर आना – आंसू आना
  6. आंखों में धूल झोंकना – धोखा देना
  7. आंखे लाल करना – क्रोध की नजर से देखना
  8. आंखे थकना – प्रतीक्षा में निराश होना
  9. आंखों में खटकना – बुरा लगना
  10. आंखों का पानी ढल जाना – लज्जारहित होना
  11. कानों में उंगली देना – किसी बात को सुनने में रुचि ना लेना
  12. सीधी उंगली से घी ना निकलना – काम का ठीक प्रकार से ना होना
  13. पांचों उंगली का घी में होना – हर तरफ से लाभ ही लाभ
  14. ओंठ चबाना – क्रोध करना
  15. कलेजे से लगाना – प्यार करना
  16. कलेजा ठंडा होना – संतोष होना
  17. कान उमेठना – दंड देना
  18. कान पर जूं ना रेंगना – बेखबर रहना
  19. कान भरना – निन्दा करना
  20. कान खड़े होना – होशियार होना
  21. खून खौलना – गुस्सा चढ़ना
  22. खून सवार होना – किसी को मारने के लिए तैयार होना
  23. खून पीना – किसी को सताना
  24. गाल फुलाना – रूठना
  25. गर्दन पर सवार होना – पीछा ना छोड़ना
  26. दांत खट्टे करना – दुश्मन को पस्त करना
  27. दांत दिखाना – हार मानना
  28. दांत तले उंगली दबाना – दंग रह जाना
  29. नाक कटना – इज्जत जाना
  30. नाक में दम करना – तंग करना
  31. नाक रगड़ना – किसी के आगे मिन्नतें करना
  32. मुंह बंद होना – चुप होना
  33. मुंह में पानी भर आना – ललचाना
  34. मुंह फुलाना – रूठ जाना
  35. मुंह बनाना – असंतुष्ट होना
  36. मुंह में लगाम ना होना – जो मुंह में आए वो कह देना
  37. मुंह भरना – घूस देना
  38. मुंह मीठा करना – प्रसन्न करना
  39. मुंह सूखना – भयभीत होना
  40. मुंह से फूल झड़ना – मधुर बोलना
  41. सिर उठाना – फुर्सत में होना
  42. सिर पर भूत सवार होना – एक ही रट लगाए रहना
  43. सिर मारना – प्रयत्न करना
  44. सिर खुजलाना – बहाना करना
  45. सिर गंजा कर देना – मारने का भय दिखाना
  46. हाथ आना – अधिकार में आना
  47. हाथ खींचना – अलग होना
  48. हाथ देना – सहायता करना
  49. हाथ लगाना – आरंभ करना
  50. हाथ फैलाना – याचना करना
  51. हाथ धो बैठना – आशा खो देना
  52. हाथ चूमना – हर्ष व्यक्त करना
  53. हाथ फैलाना – याचना करना
  54. हाथ बंटाना – मदद करना
  55. हाथ गरम करना – घूस देना
  56. हाथ देना – सहायता करना
  57. हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना – बेकार बैठे रहना
  58. हाथ मलना – पछतावा होना
  59. हाथापाई करना – मुठभेड़ होना
  60. हाथ खींचना – अलग होना
  61. अपना उल्लू सीधा करना – बेवकूफ बनाकर काम निकालना
  62. अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना – अपनी तारीफ अपने आप करना
  63. अंगारों पर पैर रखना – अपने को खतरे में डालना
  64. अक्ल के घोड़े दौड़ाना – कल्पनाएं करना
  65. अंधे की लकड़ी – एकमात्र सहारा
  66. अंग टूटना – बहुत थक जाना
  67. अड़चन डालना – बाधा उत्पन्न करना
  68. अंग अंग फूले ना समाना – आनंद विभोर होना
  69. अपने पैरों पर खड़े होना – स्वावलंबी होना
  70. आकाश से बातें करना – बहुत ऊंचा होना
  71. आग का पुतला – क्रोधी
  72. आग बबूला होना – अति क्रुद्ध होना
  73. आग में घी डालना – झगड़ा बढ़ाना
  74. आटे दाल का भाव ज्ञात होना – सांसारिक कठिनाईयों का ज्ञान होना
  75. आड़े आना – बाधक होना
  76. आस्तीन का सांप – कपटी मित्र
  77. इधर उधर करना – टालमटोल करना
  78. ईंट से ईंट बजाना – ध्वस्त होना
  79. ईद का चांद होना – बहुत दिनों बाद दिखाई पड़ना
  80. उल्लू सीधा करना – अपना स्वार्थ साधना
  81. ऊंचा सुनना – कम सुनना
  82. उथल पुथल मचाना – हलचल
  83. एक से तीन बनाना – खूब नफा करना
  84. एक लाठी से सबको हांकना – उचित तरीके से न्याय नहीं क्रम
  85. एक आंख ना भाना – तनिक भी अच्छा ना लगना
  86. ओखली में सिर देना – जान पूछकर किसी झंझट में पड़ना
  87. कलेजा फटना – दिल पर बेहद चोट लगना
  88. काला अक्षर भैंस बराबर – अनपढ़
  89. काम तमाम करना – मार डालना, खत्म करना
  90. कोल्हू का बैल – खूब परिश्रमी
  91. किताब का कीड़ा होना – बराबर पढ़ते रहना
  92. कोहराम मचाना – दुःख पूर्ण चीख पुकार
  93. खरी खोटी सुनाना – भला बुरा कहना
  94. खेत आना – युद्ध में मारा जाना
  95. खेल खेलना – परेशान करना
  96. ख्याली पुलाव – सिर्फ कल्पना करना
  97. गुड़ गोबर करना – बनाया काम बिगाड़ना
  98. गुरु घंटाल – बहुत चालाक
  99. गागर में सागर भरना – अधिक बात थोड़े में कहना
  100. गुदड़ी का लाल – गरीब के घर गुणवान होना
  101. घर का उजाला – कुलदीपक
  102. घर का ना घाट का – निकम्मा व्यक्ति
  103. घी के दिए जलाना – मनोरथ पूरी होना
  104. घाव हरा होना – भूले हुए दुख को याद करना
  105. घाट घाट का पानी पीना – अच्छे बुरे का अनुभव
  106. घोड़े बेचकर सोना – बेफिक्र होकर सोना
  107. चांद का टुकड़ा – बहुत सुंदर
  108. चार चांद लगाना – चौगुनी शोभा होना
  109. चोली दामन का साथ – काफी घनिष्ठता
  110. चुल्लू भर पानी में डूब मरना – अत्यंत लज्जित होना
  111. चार दिन की चांदनी – क्षणिक सुख
  112. चांदी का जूता – रुपए का जोर दिखाना
  113. छक्के छुड़ाना – खूब परेशान करना
  114. छठी का दूध याद दिलाना – सुख भूल जाना
  115. छाती पर मूंग दलना – कष्ट देना
  116. छाती पर सांप लौटना – किसी के प्रति डाह
  117. छोटी मुंह बड़ी बात – योग्यता से बढ़कर बोलना
  118. जी का जंजाल होना – अच्छा ना लगना
  119. जमीन का पैरों तले से निकल जाना – सन्नाटे में आना
  120. जी लगना – मन लगना
  121. जलती आग में तेल डालना – झगड़ा बढ़ाना
  122. जमीन आसमान एक करना – बहुत उपाय करना
  123. जी चुराना – कोशिश ना करना
  124. जान पर खेलना – प्राण संकट में डालना
  125. टेढ़ी खीर – कठिन काम
  126. टुकड़ों पर पलना – दूसरों की कमाई पर गुजारा करना
  127. डूबते को तिनके का सहारा – संकट में पड़े को थोड़ी मदद
  128. ढील देना – अधीनता में ना रखना
  129. तिल का ताड़ करना – छोटी बात को बड़ी बनाना
  130. तूती बोलना – प्रसिद्ध होना
  131. थाली का बैंगन होना – जिसका विचार स्थिर ना रहे
  132. थूककर चाटना – प्रतिज्ञा भंग करना
  133. दम में दम आना – राहत होना
  134. दांव खेलना – धोखा देना
  135. दिनों का फेर होना – बुरे दिन आना
  136. दुकान बढ़ाना – दुकान बंद करना
  137. दाएं बाएं देखना – सावधान होना
  138. दो नाव पर पैर रखना – इधर भी, उधर भी
  139. धरती पर पांव ना रखना – घमंडी होना
  140. धूप में बाल सफेद करना – बिना अनुभव प्राप्त किए बूढ़ा होना
  141. नाच नाचना – तंग करना
  142. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना
  143. नजर चुराना – आंख चुराना
  144. लोहे के चने चबाना – कठिन काम करना
  145. शिकार हाथ लगना – असामी मिलना
  146. हक्का बक्का रह जाना – भौंचक रह जाना
  147. हल्दी गुड़ पीना – खूब मारना
  148. होश उड़ जाना – घबरा जाना
  149. हथियार डाल देना – हार मान जाना
  150. सुबह का चिराग होना – समाप्ति पर आना

अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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