रवि कुमार दहिया की जीवनी – Ravi Kumar Dahiya Biography in Hindi

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया का फ्रीरेसलिंग के फाइनल मैच में मुकाबला रूस के जवुर यूगेव से हुआ। जिससे रवि कुमार दहिया को 7-4 से हारना तो पड़ा, लेकिन अपने ओलंपिक के पहले ही सफर में देश के लिए 57 किलोग्राम वजन वर्ग की फ्री रेसलिंग में सिल्वर मेडल जीतकर रवि कुमार दहिया ने इतिहास रच दिया।

इस प्रकार, वह ओलंपिक खेलों में फ्रीरेसलिंग में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पहलवान हो गए हैं। रवि कुमार दहिया ने टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतकर न केवल अपना और अपने परिवार का, बल्कि सम्पूर्ण विश्व में भारत देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है।

तो चलिए आज हम रवि कुमार दहिया के जीवन से रूबरू होते हैं। और जानते हैं कि अपने जीवन में किस तरह की परेशानियों का सामना करते हुए उन्होंने टोक्यो ओलंपिक का अपना यह शानदार सफर शुरू किया था।

रवि कुमार दहिया का जीवन परिचय – Ravi kuma Dahiya ka jivan Parichay

12 दिसंबर 1997 को हरियाणा के सोनीपत जिले के नाहरी गांव में भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया का जन्म अत्यंत गरीब परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम राकेश दहिया है। वह पेशे से एक किसान हैं। इनकी माता का नाम रीमा देवी है।

कहते हैं कि रवि कुमार दहिया एक अच्छे पहलवान बनें, ये सपना उनकी माता जी का था। रवि दहिया के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह दूसरों के खेतों को खेती करने के लिए किराए पर लेकर अपना जीवन बसर कर रहे हैं।

इनके पिता बताते हैं कि जब रवि मात्र 6 वर्ष के थे, तब वह गांव के अन्य बच्चों को कुश्ती में पटकी दे दिया करते थे। ऐसे में गरीबी होते हुए भी उनके पिताजी ने अपने बेटे को बेहतर खेल प्रशिक्षण देने के लिए हर संभव प्रयास किया।

और जब रवि कुमार दहिया मात्र 10 साल के थे, तब से ही उन्होंने पहलवानी का अभ्यास शुरू कर दिया था। इस दौरान वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में जाकर अभ्यास किया करते थे। रवि कुमार दहिया ने बीए की डिग्री हरियाणा के ही एक सरकारी कॉलेज से प्राप्त की है।

आपको बता दें कि रवि दहिया के भाई पंकज दहिया भी जूनियर रेसलर हैं। कहते हैं कि जब रवि दहिया दिल्ली जाकर प्रशिक्षण लिया करते थे, उस दौरान उनके पिता लगभग 40 किलोमीटर दूर चलकर उन्हें फल, घी और दूध पहुंचाया करते थे।

ताकि उनके बेटे को अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या ना होने पाए। इसी का परिणाम रहा कि रवि कुमार दहिया ने अपने पहला मैच जोकि वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान खेला था, उसमें एशियन चैंपियन रीजा अत्रीनाघारची को हराया था।

फिर वर्ष 2015 में हुई जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 55 किलोग्राम की कैटेगरी में रवि दहिया को रजत पदक प्राप्त हुआ। हालांकि साल 2017 में हुए सीनियर राष्ट्रीय खेलों में वह अपनी चोट के कारण प्रतिभाग नही कर पाए थे।

लेकिन कुछ समय बाद जब साल 2018 में वर्ल्ड U-23 रेसलिंग चैंपियनशिप का आयोजन बुखारेस्ट में हुआ। तब वहां रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीता था। फिर साल 2020 में हुई एशियन चैंपियनशिप में रवि दहिया ने गोल्ड जीतकर सबको अपने खेल का मुरीद बना लिया।


रवि कुमार दहिया की उपलब्धियां

  • 2015: जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 55 किलोग्राम की कैटेगरी में रजत पदक।

  • 2018: वर्ल्ड U-23 रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक।

  • 2019: वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक।

  • 2020: एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।

  • 2021: विश्व चैंपियन युकी तानाशाही को हराकर किया ओलंपिक में प्रवेश। मैच के फाइनल मुकाबले में रूस के जवुर यूगेव से हारकर किया सिल्वर पर कब्जा।


रवि दहिया से जुड़े रोचक तथ्य

  1. रवि दहिया की लंबाई 5 फुट 7 इंच है।

  2. इनके कोच का नाम सतपाल सिंह और वीरेंद्र कुमार है।

  3. रवि कुमार दहिया एक फ्री स्टाइल रेसलर हैं। इनके पसंदीदा रेसलर सुशील कुमार हैं।

  4. रवि दहिया जब 22 साल के थे, तब उन्होंने एशियन चैंपियन रीजा अत्रीनाघारची को वर्ल्ड चैम्पियनशिप में हराकर कांस्य जीता था।

  5. हाल ही में रवि दहिया ने सीनियर रेसलर संदीप तोमर और उत्कर्ष काले को हराकर ओलंपिक में प्रवेश किया है।

  6. टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में बुल्गारिया के जॉर्जी वेलेंटिनोव को 14-4 से हराकर प्रवेश पाया था।

  7. टोक्यो ओलंपिक में सबसे पहले उनका मुकाबला कोलंबिया के टिगरेरोस उरबानो ऑस्कर एडवर्डो से हुआ था। जिसे रवि कुमार दहिया ने 13-2 से हराया था।

  8. रवि कुमार दहिया के पास अब तक कुल 2 स्वर्ण, 2 सिल्वर और 1 कांस्य पदक है।

  9. टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीतने के बाद रवि कुमार दहिया को हरियाणा सरकार द्वारा 4 करोड़ और केंद्र सरकार द्वारा 50 लाख रूपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

  10. रवि कुमार दहिया फ्री रेसलिंग वर्ल्ड चैम्पियनशिप में तीसरे, वर्ल्ड U-23 में दूसरे और एशियन चैंपियनशिप में पहले नंबर के खिलाड़ी रह चुके हैं।

रवि कुमार दहिया ने टोक्यो ओलंपिक में जाने से पहले अपने परिवार से यह कहा था कि वह ऐसा खेल खेलेंगे जिसे दुनिया याद रखेगी। ऐसे में रवि कुमार दहिया की कही हुई बात सच हो गई। उनका ओलंपिक में किया गया प्रदर्शन वाकई काबिले तारीफ रहा।

आप यदि रवि कुमार दहिया के बारे में और कुछ भी जानना चाहते हैं तो उनको social media पर फॉलो कर सकते हैं।

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इसी शुभकामनाओं के साथ रवि कुमार दहिया को अपने आगामी खेलों के लिए अग्रिम बधाइयां। आशा करते हैं कि आप भारत का नाम इसी प्रकार से सदैव रोशन करेंगे।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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