Why do goals fail? हम लक्ष्य हासिल करने में असफल क्यों होते हैं?

अगर आप भी असफल हो जाते हैं अपने उद्देश्य को पूरा करने में, तो हो सकते हैं यह कारण।

किसी भी व्यक्ति द्वारा जीवन में सफल होने के लिए लक्ष्य का निर्धारण करना आवश्यक है। लक्ष्य निर्धारित होने के बाद ही व्यक्ति अपने जीवन में नाम, धन और शोहरत हासिल कर पाता है। हालांकि हममें से अधिकतर लोग जीवन में हमेशा कुछ बड़ा करने की इच्छा रखते हैं, लेकिन हर व्यक्ति सफलता के उच्च शिखर तक पहुंच सके, ऐसा हमेशा संभव नहीं हो पाता है।

इसलिए यदि आप भी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहे हैं, तो अवश्य ही इसके पीछे कुछ एक कारण हो सकते हैं। आज हम उन्हीं कुछ एक कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। ताकि उनमें सुधार लाकर आप दुबारा अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रयासरत हो सकें।

लक्ष्य का ठीक तरह से व्यवस्थित ना होना

जो लोग अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति नहीं कर पाते हैं। उसके पीछे एक कारण उनके लक्ष्य का ठीक प्रकार से व्यवस्थित ना होना होता है। अक्सर देखा गया है कि लोग बिना सोच विचार किए ही एक महान् लक्ष्य को अपना लेते हैं। जैसे हम लोग अगर चाहे कि हमें अमीर बनना है।

लेकिन हमने यह सोचा ही नहीं है कि इसके लिए क्या किया जाए? या फिर हमें इस साल इतना पैसा कमाना है और अगले साल तक इतना कमा लेना है? तो हम कभी अपने अमीर बनने के उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि हमारा लक्ष्य पूर्ण रूप से व्यवस्थित ही नहीं है।

ऐसे में जब भी किसी व्यक्ति द्वारा उसके लक्ष्य को पूरा या हासिल करने की बात आती है। तब उस लक्ष्य की पूर्ति कर पाना उनके लिए असंभव हो जाता है। जो लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खुद को वर्तमान में तैयार नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोग अक्सर अपने कार्यों को कल पर टाल देते हैं और उनके पास अपने लक्ष्य को पूरा करने की कोई ठोस रणनीति नहीं होती है।

इसलिए वह अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाते हैं। लक्ष्य पाने के लिए व्यक्ति द्वारा चीज़ों को व्यवस्थित किया जाना आवश्यक है। उसे अपने उद्देश्य को किस तरह से पाना है? यह भली भांति ज्ञात होना चाहिए। तभी वह उसे प्राप्त करने में सफल हो सकता है।


लक्ष्य का आपके अनुरूप ना होना

अगर आपने इंजीनियरिंग में स्नातक किया है, तो अवश्य ही भविष्य में इंजीनियर बनना चाहेंगे। इसके विपरित यदि आप बिना इंजीनियरिंग किए ही इंजीनियर बनना चाहेंगे। तो जरूर अपने हर प्रयास में असफल ही होंगे।

कहने का तात्पर्य यह है कि व्यक्ति को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने से पहले अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अवश्य गौर करना चाहिए। जीवन में किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए व्यक्ति को अपने सिद्धांतों को ही आधार बनाना चाहिए। अन्यथा यदि आपने किसी दूसरे व्यक्ति की देखा दूनी और दिखावे के लिए कोई रास्ता चुन लिया है, तो वह आपको कभी सही मंजिल तक नहीं पहुंचा सकता है।

साथ ही व्यक्ति को यह भी पता होना चाहिए कि यदि उसे निर्धारित लक्ष्य पाना है, तो क्यों पाना है? क्या वह वास्तव में उपरोक्त लक्ष्य को हासिल कर सकता है? अगर वह इन प्रश्नों से भली भांति परिचित है, तभी वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

इसके विपरित यदि लक्ष्य प्राप्ति के दौरान उसे स्वयं से ही प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। अर्थात् वह अपने लक्ष्यों को लेकर खुद ही आश्वाशित नही है, तो वह कभी अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकता है।


लक्ष्य को नहीं लिखना

जो लोग अपनी दैनिक दिनचर्या से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखते हैं, उनकी याददाश्त और आत्मविश्वास में अपेक्षाकृत वृद्धि देखी गई है। बजाय उन लोगों के जो अपने कार्यों और हासिल किए जाने वाले उद्देश्य को कहीं लिखकर नहीं रखते हैं।

एक शोध के अनुसार, किसी भी लक्ष्य या उद्देश्य को कहीं लिख लेने से आपकी उसे हासिल करने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। दूसरा, चीज़ों को लिख लेने से आपके द्वारा उसे भूलने की गुंजाइश कम रहती है।

इसलिए अगर आप वास्तव में अपने द्वारा बनाए गए लक्ष्य को पाना चाहते हैं, तो आगे से उसे कहीं लिखने की कोशिश कीजिए। तब देखिएगा आप कितनी शीघ्रता से अपने लक्ष्य को हासिल कर पाते हैं।

दूसरा, जीवन के लक्ष्यों को लिख लेने से व्यक्ति को हमेशा यह पता रहता है कि अपने निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए उसके द्वारा कितना प्रयत्न किया जा चुका है? और कितना किया जाना बाकी है? उसी अनुसार वह आगे के लिए नीति या प्रयोग करना शुरू कर देता है। जिससे कहीं ना कहीं वह अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रेरित भी होता है।


अनुशासनहीनता के कारण नहीं हासिल हो पाते हैं लक्ष्य

जो व्यक्ति अपने संपूर्ण जीवन में अनुशासित होकर कार्य करते हैं, वह निश्चित ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं। इसके विपरित जो लोग लक्ष्य तो बना लेते हैं, लेकिन नियमित तौर पर उसे पाने के लिए प्रयत्न नहीं करते हैं, वह अपना लक्ष्य पाने में कामयाब नहीं हो पाते हैं।

इसलिए व्यक्ति द्वारा जीवन में आत्म अनुशासन अपनाना आवश्यक है, अन्यथा व्यक्ति का जीवन उद्देश्यहीन ही रह जाता है। आत्म अनुशासन के माध्यम से आप अपने लक्ष्य को लेकर हमेशा सजग और सचेत रहते हैं। साथ ही दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छा शक्ति के बल पर ही आप आत्म अनुशासन में रहकर अपने जीवन के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

और अगर आप आत्म अनुशासन बनाए रखना चाहते हैं या उसमें वृद्धि करना चाहते हैं तो हमारे आत्म अनुशासन कैसे बढ़ाएं उपरोक्त लेख को पढ़ सकते हैं।


नकारात्मक माहौल आपको करता है लक्ष्य से दूर

नकारात्मक विचार और माहौल दोनों ही व्यक्ति को उसके निश्चित उद्देश्य से भटकाने का कार्य करते हैं। इसलिए जितना हो सके स्वयं को इससे दूर रखने की कोशिश करें। अधिकतर लोग केवल और केवल इसलिए अपने लक्ष्य से दूर हो जाते हैं, क्योंकि वह अपने आसपास के नकारात्मक माहौल या विपरीत परिस्थितियों से समझौता कर लेते हैं।

साथ ही चुनौती आने पर उसके आगे घुटने टेक देते हैं। ऐसे में जो व्यक्ति वास्तव में जीवन में सफल होना चाहता है, उन्हें अपने दिमाग को नकारात्मक लोगों और विचारों से सदैव दूर ही रखना चाहिए। तभी वह अपने उद्देश्य में सफल हो सकते हैं।

नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए और अपने उद्देश्य को पाने के लिए व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनना चाहिए। जिससे ना केवल व्यक्ति का आत्म चिंतन गहराता है, बल्कि वह जीवन को एक सही मार्ग पर ले जाने के लिए भी प्रयासरत हो जाता है।

आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई यह प्रेरक जानकारी अवश्य ही पसंद आई होगी। ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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