Keyword Research kya hota hai?

Keyword research के विषय को समझने से पहले keywords की परिभाषा जानते हैं। Keywords शब्दों कि उस लड़ी को कहा जाता है जो users search engine पर लिख के सर्च करते हैं ताकि उस विषय पर जानकारी इकट्ठी कर सकें। 

उदाहरण लेकर समझते हैं– यदि हम hotel management कोर्स के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो हमारे keywords होंगे ‘hotel management courses in delhi’. SEO करने की यही तकनीक है कि हम users के इन keywords के बारे में research करें और इनको अपनी site के content में लिखें ताकि जब users उन keywords के बारे में search करें तो हमारी साइट SERP पर उपर आ सके।

Keywords का अर्थ समझने के बाद keyword research का अर्थ समझते हैं। यह SEO की एक ऐसी तकनीक है जो आपकी साइट के content से जुड़े relevant keywords ढूंढती है जो users आमतौर पर सर्च करते हैं और फिर उनको optimise करके आपकी site का ट्रैफिक बढ़ाती है। 

Keywords के प्रकार

Keywords 2 प्रकार के होते हैं – short tail और long tail. नाम से ही पता चलता है कि short tail keywords में शब्दों की मात्रा कम होती है और long tail keywords में शब्दों की मात्रा ज़्यादा होती है। 

Short tail keywordsLong tail keywords
शब्दों की मात्रा कम होती हैउदाहरण के लिए hotel management एक short tail keyword हैज़्यादा users short tail keywords search करते हैंइनको अलग से optimise करने की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि यह long tail में खुद ही cover हो जाते हैंइसके users ज़्यादा होते हैं मगर google पर प्रभाव कम होता है क्योंकि वह general search होती है।शब्दों की मात्रा ज़्यादा होती हैउदाहरण के लिए hotel management courses in delhi एक long tail keyword हैLong tail keywords search करने वाले users short tail के मुकाबले में कम होते हैं।इनकी optimisation बहुत ज़रूरी है क्योंकि इनके अंदर ही short tail keywords की भी optimisation होती है।इसके users कम होते हैं मगर वह किसी खास निश्चित मकसद से search करते हैं इसलिए google पर प्रभाव ज़्यादा होता है।

शब्दों की मात्रा अनुसार Short tail keywords ko आगे भी 2 प्रकार में बाँटा जा सकता है–

  • Head keywords: यह एक एक शब्द होते हैं जैसे bank, camera, cake आदि। इनकी search volume ज़्यादा होती है मगर यह search engine को confuse कर देते हैं क्योंकि इनका कोई fixed मकसद नहीं होता। हो सकता है कि user किसी खास bank जैसे HDFC bank या ICICI bank के बारे में जानकारी लेना चाहता हो, यह भी ही सकता है कि वह bank शब्द का अर्थ जानना चाहता हो, इसलिए header terms की search का मकसद निश्चित नहीं होता।
  • Body keywords: यह प्रकार 2-3 शब्दों का समूह होता है जो ज़्यादा specific होते हैं, जैसे Axis Bank, chocolate cake recipe, आदि। इन keywords से users का मकसद निश्चित होता है। इनकी सर्च volume header terms से कम होती है मगर SEO के नज़रिए से ज़्यादा महत्ता होती है।

Keyword research के माध्यम

Keywords के प्रकार समझने के बाद यह समझना ज़रूरी है कि उन short tail और long tail शब्दों को ढूंढा कैसे जाए जिनके लिए SEO करना है। इसके अलग अलग तरीके हो सकते हैं—

1. Google का Auto-suggestion feature: 

User हो कर जब हम कुछ सर्च करने के लिए google पर कोई शब्द लिखते हैं तो नीचे उस शब्द से जुड़े सुझाव खुद आ जाते हैं। इनको auto-suggested keywords कहा जाता है, यह वो शब्द होते हैं जो बाकी users आम तौर पर सर्च करते हैं। हम यहां से auto suggested keywords जानकर उनके लिए अपनी site optimise कर सकते हैं।

2. Google Adwords tool:

यह keywords ढूंढ ने का दूसरा उपाय है, जिसको इस्तेमाल करने के लिए आपको एक gmail पर ID चाहिए। 

  • Google adwords खोलकर अपनी ID लिखें और एक payment का विकल्प डालें, जैसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड। 
  • Tool के होमपेज पर जाने के बाद tools पर क्लिक करें और फिर keyword planner नाम के विकल्प को चुने। 
  • अब find keywords में जाकर वो शब्द लिखें जिन से जुड़े आप keywords जानना चाहते हैं।
  • अब आपके सामने एक graph खुल जाएगा जिसके नीचे searched keywords की list होगी। आसानी के लिए आप अपनी site के content अनुसार इस list को filter लगाकर छोटा कर सकते हैं। 
  • शब्दों के बिलकुल सामने उनकी average search की मात्रा दी होगी, जिसका अर्थ है कि कितनी बारी users द्वारा यह keywords सर्च किए गए।
  • अब आप ध्यान से इस chart को समझें और अपनी site के लिए उपयुक्त keywords का चुनाव करें जिनके लिए आप SEO करेंगे। 
  • Keywords का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि वो long tail हो ताकि short tail भी उसके अंदर ही कवर हो जाए। यह भी ज़रूर देखें कि उस keyword की search history का graph बढ़ता हुआ ही हो और उसकी average search volume भी अच्छी हो ताकि उसको optimise करने से आपकी site को कोई फायदा भी हो। 

3. Keywords everywhere

यह एक ऐसा tool है जो एक platform पर नहीं बल्कि विभिन्न sites पर आपकी keyword research में सहायता करेगा। बस एक बारी chrome extension install कर लें उसके बाद विभिन्न sites जैसे youtube, bing, amazon आदि। उदाहरण के लिए, इस tool से लिंक करने के बाद जब आप amazon पर भी कुछ search करेंगे तो नीचे keyword suggestion के साथ साथ उसका search data भी dikhayi देगा। यह जानकारी आपको अपनी site के लिए सही keyword research में मदद करेगी।

4. Ubersuggest

Google keyword planner के chart की तरह यह tool भी हमें एक table के रूप में जानकारी देता है जिसमें keyword के समक्ष उसकी search volume, CPC, आदि जैसी जानकारी लिखी होती है। 

Implementation Tip

  • सही कीवर्ड ढूंढने के बाद अगला कार्य strategy को implement करना है। इसके दो रास्ते हो सकते है– या तो आप keywords पहले रिसर्च करके फिर website design करें जिसके content में वो keywords हों। 
  • दूसरा रास्ता वो होगा जब आपकी website पहले से ही design हो चुकी होगी तो उसमें से मुख्य keywords चुनकर निकाल लें जो आपकी site को सबसे अच्छे तरीके से describe करते हैं और फिर उनके लिए optimisation करें।
  • कोशिश करें कि आप अपनी साइट पर trending keywords से सम्बन्धित fresh content डालते रहें। Search engine हमेशा updated sites को तरजीह देता है।

Conclusion

Keyword research के बारे में पढ़ने समय लगता है कि यह बहुत मुश्किल और बड़ा कार्य है, मगर इसको regularly करने से आपकी site को बहुत लाभ होगा। SERP पर rank ऊंचा होने के अतिरिक्त आपकी site में users का भी विश्वास बढ़ेगा। यदि traffic एक दम नहीं बढ़ता तो भी धैर्य रखें और यह बात याद रखें की ज़्यादा temporary users होने से बेहतर होता है कुछ permanent users होना जो आपकी site में विश्वास रखें और publicity के माध्यम से आपका traffic बढ़े। संक्षेप में समझें तो keyword रिसर्च के short term से ज़्यादा long term फायदे होते हैं।


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