विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक विचार – Motivational Quotes for Students in Hindi

काक चेष्टा, बको ध्यानं,स्वान निद्रा तथैव च,
अल्पहारी, गृह त्यागी,विद्यार्थी पंच लक्षणम।।

दोहे के अनुसार, एक विद्यार्थी में पांच लक्षण होने चाहिए। सर्वप्रथम विद्यार्थी की नींद बिल्कुल श्वान यानि कुत्ते की भांति होनी चाहिए। ताकि वह अपने आसपास घटित होने वाले अनजान खतरे से खुद को बचा सके। साथ ही उसका पढ़ाई पर ध्यान बिल्कुल बगुले की तरह होना चाहिए। इसके अलावा किसी भी बात की जानकारी के लिए उसमें कौवे जैसी चेष्टा होनी चाहिए। साथ ही उसे अल्पाहारी और गृह त्यागी होना चाहिए ताकि वह विद्या ग्रहण पर ध्यान लगा सके।

इस प्रकार शास्त्रों में वर्णित सभी आश्रमों में विद्यार्थी जीवन सबसे जटिल और उपयोगी माना जाता है। कहते है जिसने विद्यार्थी जीवन में मेहनत कर ली, उसका आगे का जीवन सफल हो जाता है। ऐसे में विद्यार्थी जीवन में एकाग्रचित होने के लिए काफी प्रयत्न करना पड़ता है।

वर्तमान 21 वीं सदी के इस युग को विज्ञान युग के नाम से जाना जाता है लेकिन तकनीक का अत्यधिक इस्तेमाल विद्यार्थी जीवन के लिए एक श्राप की भांति है, इसलिए आज हम खासकर विद्यार्थियों के जीवन को मार्गदर्शित करने वाले प्रेरक वचन लेकर आए हैं। जिनका अनुसरण कर विद्यार्थी स्वयं का विकास कर देश की उन्नति में अपना योगदान जोड़ सकता है।

  1. यदि समय आपके अनुसार नहीं है तो घबराएं नहीं। विपदा को आपदा में बदलने का प्रयास करें।

  2. अपने सपनों को सच कर दिखाने के लिए सपनों को जीना जरूरी है।

  3. भाग्य बदलना चाहते हो तो परिश्रम करना शुरू कर दो। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते है जो अपनी मदद स्वयं करते हैं।

  4. जीवन में सफल होने के लिए एक लक्ष्य का निर्धारण करो। अन्यथा तुम सफ़लता का रास्ता भटक जाओगे।

  5. अगर जिंदगी में हर बार सफल होना चाहते हो तो एक सफ़लता मिलने के बाद रुकना नहीं। वरना पहली मिली हुई सफ़लता किस्मत लगने लगेगी।

  6. आपका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने विद्यार्थी जीवन में कितने सवाल पूछे हैं।

  7. अगर आप किसी सफल व्यक्ति की कहानी पढ़ोगे तो सिर्फ प्रेरित होगे और यदि असफल व्यक्तियों के बारे में पढ़ोगे तो नए विचार मिलेंगे।

  8. जीवन में तभी सफल हो सकते हैं जब काम और विषय अपनी रुचि का चुनोगे। मात्र दूसरों की राय पर काम करके दूसरों जैसे बनकर ही रह जाओगे।

  9. एक बुद्धिमान विद्यार्थी के लक्षण होते हैं – थोड़ा पढ़ना और अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सुनना।

  10. अगर जीवन में आगे बढ़ने के लिए दूसरे के धक्के देने का इंतजार  करोगे तो एक दिन खाई में गिर जाओगे। खुद को आगे बढ़ाने के लिए धक्का खुद लगाना पड़ेगा।

  11. जिसके अंदर विनय का गुण विद्यमान है, विद्या वहीं निवास करती है।

  12. यदि आप दुनिया में बदलाव देखना चाहते हैं तो आईने में नजर आ रहे चेहरे से शुरुआत करें।

  13. जिंदगी में लाख परेशानियां क्यों ना आ जाएं लेकिन आगे बढ़ने। के लिए सदैव कुछ ना कुछ करते रहना चाहिए।

  14. यदि जीवन में हर जगह असफलता हाथ आ रही है तो आप यह नहीं कह सकते कि आप असफल हैं।बल्कि अभी तक आपने सफ़लता की सीढ़ी नहीं चढ़ी है।

  15. अपने काम को निश्चिन्त होकर करने वाले विद्यार्थी जल्दी सफल होते हैं।

  16. कल की सोचकर आज का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। निरन्तर अध्ययनशील रहना ही एक विद्यार्थी का विशेष गुण होता है।

  17. जीवन में कुछ लोग जीत के स्वप्न ही देखते रह जाते हैं तो वहीं कुछ लोग जागकर अपने सपने को पूरा करते हैं।

  18. प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी आंतरिक शक्ति का एहसास होना चाहिए क्योंकि कोई भी व्यक्ति कमजोर नहीं होता है।

  19. आपके भविष्य की नींव इस बात पर टिकी है कि आप कल नहीं बल्कि आज क्या करते हैं।

  20. जीवन में अधिक उपदेशों को सुनने से बेहतर थोड़ा अभ्यास कर लेना है।

  21. आपकी सफलता की चाल धीमी जरूर हो सकती है लेकिन आप उनसे बेहतर हैं जिन्होंने अभी तक प्रयास नहीं किया है।

  22. जीवन में तभी हर परिस्थिति का डटकर सामना कर पाएंगे जब सफ़लता को सिर पर और असफलता को दिल से ना लगाएं।

  23. जीवन में कभी भी सरल तरीके से सफ़लता नहीं हासिल की जाती है। इसके लिए एक एक सीढ़ी बड़ी सावधानी से चढ़नी चाहिए।

  24. विद्यार्थी की विद्या को कोई चुरा नहीं सकता जबकि सुनार के जेवरों पर हर कोई घात लगाए रहता है।

  25. आपका गुरु आपको सिर्फ रास्ता दिखा सकते हैं, उस पर चलना आपको ही होगा।

  26. यदि आप सदैव वहीं करते है जो शुरू से करते आए हैं तो आपको वही मिलता है जो आज तक मिलता आया है।

  27. यदि तुम जिंदगी को एक खेल की तरह खेलते हो तो जीत निश्चित है, लेकिन यदि तुम जिंदगी को दर्शक की भांति जीते हो तो सिर्फ खुश हो सकते हो, कभी जीत नहीं सकते।

  28. जिसके जीवन में उसके लक्ष्य से बढ़कर कुछ नहीं होता है। वहीं अपना लक्ष्य प्राप्त कर पाता है।

  29. किसी भी काम को करते समय सदैव अपना बेहतर हो क्योंकि तुम जो आज बोते हो वही कल प्राप्त करते हो।

  30. जितनी बड़ी सफलता होगी उसके लिए उतना बड़ा प्रयास करना होगा।

  31. यदि दिमाग से जवाब मिलना बंद हो जाए तो दिल की सुनिए कि आखिर वह अपने जीवन में क्या बनना चाहता है।

  32. जिंदगी उस हर एक को मौका देती है, जो गिरकर उठने का दम रखते हैं।

  33. व्यक्ति में ज्ञान और अहंकार घटता बढ़ता रहते हैं। जिसके पास जितना अधिक ज्ञान होगा उसके पास उतना ही कम अहंकार होगा।

  34. यदि जीवन में बड़ी सफ़लता पाना चाहते हो तो बड़ा सोचने के लिए तैयार रहो।

  35. विद्यार्थी जीवन में मित्रों का चुनाव सोच समझकर करना चाहिए क्योंकि इनके साथ ही आपकी संगति का निर्धारण किया जाता है।

  36. ईश्वर अपने उन्हीं बच्चों की परीक्षा लेता है, जिनको वह लायक समझता है।

  37. यदि आप वास्तव में सफल होना चाहते हैं तो रास्ते खुद बनाएं। दूसरों के रास्तों पर चलकर सिर्फ प्रेरणा मिल सकती है सफ़लता नहीं।

  38. विद्यार्थी जीवन में बड़ों का सम्मान करना अति आवश्यक है अन्यथा बिना बड़ों के मार्गदर्शन के आगे बढ़ना मुश्किल है।

  39. अगर विद्यार्थी जीवन में आपका कोई सबसे बड़ा शत्रु है तो वो है आपके भीतर का आलस्य।

  40. यदि समस्या है तो समाधान भी होगा। जरूरत है तो सही तरीके से सोचने और समझने की।

  41. विद्यार्थी को सदैव खुद पर विश्वास होना चाहिए। दूसरों पर विश्वास करके आप स्वयं को धोखे में डाल सकते हो।

  42. विद्यार्थी जीवन से शुरू होते हुए सीखने की प्रक्रिया जीवन पर्यन्त चलती है।

  43. व्यक्ति को सामने वाले व्यक्ति को कभी कमजोर नहीं आंकना चाहिए। ठीक उसी प्रकार से जैसे सुई का काम तलवार नहीं कर सकती है और तलवार का काम सुई।

  44. यदि आपने कल जितना किया उससे अधिक आज करते हैं तो समझिए आप आगे बढ़ रहे हैं।

  45. किसी भी व्यक्ति के लिए कुछ कहने से पहले सदैव अपने अंतर्मन में झांकने की कोशिश करें। हम भी तो वही नहीं जिससे हमें आपत्ति है।

  46. विद्यार्थियों के लिए विद्या ही एक ऐसा धन है जो बांटने से बढ़ता है।

  47. जीवन में यह तय आपको करना है कि आपको नौकरी पैदा करनी है या स्वयं करनी है।

  48. अपने बीते हुए कल को याद करके आने वाले कल को बर्बाद ना करें।

  49. जो विद्यार्थी अपने जीवन में सदैव आशावादी रहते हैं वहीं जीवन में सफल हो पाते हैं।

  50. विद्यार्थी के पास ज्ञान सबसे बड़ी ताकत है, उसके लिए उसे किसी अन्य ताकत को प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।

इस प्रकार हमने विद्यार्थी जीवन से जुड़े प्रेरक विचारों के बारे में जाना। आगे भी इसी प्रकार के प्रेरणादायक विचारों को पढ़ने के लिए Gurukul99 पर दुबारा आना ना भूलें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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