क्यों 99 प्रतिशत लोग नए साल के संकल्प पूरे नहीं कर पाते?

सर्वप्रथम हमारे सभी मूल्यवान पाठकों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं ! जैसा कि आप जानते हैं कि साल 2020 देश और दुनिया के लिए काफी नुकसानदेह साबित हुआ क्योंकि 2020 की शुरुआत में ही कोरोना महामारी के कारण लाखों – करोड़ों लोगों का जीवन खतरे में आ गया था।

हालांकि महामारी का प्रकोप अभी भी मानव जीवन पर मंडरा रहा है लेकिन मानव स्वयं को हर परिस्थिति के अनुसार ढाल लेता है। जिसके चलते अब सावधानी के साथ मानव जीवन धीरे धीरे पटरी पर लौट रहा है।

इसी उम्मीद के साथ कि आगे सब अच्छा होगा। अपने इसी आशावादी दृष्टिकोण के चलते मनुष्य भविष्य के लिए काफी योजनाएं बनाता है। साथ ही इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ता है कि उसने बीते समय में जो गलतियां की है, वह आगे उनमें सुधार करेगा।

कुछ ऐसे ही संकल्प व्यक्ति नए साल के उपलक्ष्य में लेता है लेकिन क्या आप जानते है कि देश और दुनिया में मात्र 1 प्रतिशत लोग ही नए साल में लिए गए संकल्प पर खरे उतरते है। बाकी 99 प्रतिशत लोग संकल्पों को पूर्ण करने में असफल हो जाते हैं। तो चलिए आज हम जानते हैं कि आखिर इसके पीछे क्या वजह है……

नए साल में संकल्प लेने के पीछे की कहानी

नए साल में व्यक्ति के किस तरह के संकल्प पूरे होते है और कौन से नहीं? साथ ही किन बदलावों को अपनाने से हम अपने नए साल के संकल्पों को पूरा कर सकते है? उपयुक्त बातें जानने से पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर नए साल पर संकल्प लेने की परम्परा का शुभारंभ आखिर हुआ कैसे?

जिस प्रकार से घड़ी की सुई एक जगह से घूमकर फिर से उसी जगह पर आकर रुक जाती है और फिर यह क्रम बारम्बार चलता ही रहता है। ठीक उसी प्रकार से 365 दिन के चक्र के पूरा होने के बाद जब नया साल आता है तो हम उसे एक नए परिवर्तन के तौर पर देखते हैं।

ऐसे में नए साल पर व्यक्ति दीवार पर टंगे कैलेंडर को बदलने के साथ साथ अपनी आदतों और बुराइयों को त्यागने का संकल्प लेता है। साथ ही वह नए साल पर अपने लक्ष्य का निर्धारण करने की कोशिश करता है। हालांकि कुछ लोग अन्य लोगों की देखा दूनी में भी नए साल में संकल्प लेने की ठान लेते हैं।

जबकि कुछ लोग संकल्प को आधार बनाकर जीवन में सफ़लता का एक निश्चित मुकाम हासिल करते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नए साल पर संकल्प लेने की इस परम्परा की शुरुआत बेबीलोन में हुई थी।

प्राचीन समय में बेबीलोन मेसोपोटामिया का एक हिस्सा हुआ करता था। जहां की जनता फसल रोपन के दिनों में (मार्च) नव वर्ष का आगाज करती थी। इस दौरान लगभग 12 दिनों तक अकितू नाम का एक विशेष त्योहार मनाया जाता था। जिसमें बेबीलोन निवासी अपने राजा का चुनाव किया करते थे। ऐसे में राजा की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित राजा अपनी जनता से वादे किया करते थे। जिससे आगे चलकर नए साल में संकल्प लेने की प्रथा शुरू हो गईं। 

नए साल में संकल्पों के असफल होने का कारण

हम में से कई लोग कभी कभी खुद से ऐसे वादे कर लेते है। जिसे हकीकत में पूरा करना हमारे लिए बाद में मुश्किल हो जाता है। जैसे कुछ लोग नए साल में संकल्प करते हैं कि वह नए साल से पान, गुटखा, तम्बाकू, सिगरेट, शराब इत्यादि का सेवन नहीं करेंगे लेकिन अधिकतर मामलों में पाया गया है कि इनके अधिक सेवन के चलते अब उक्त व्यक्ति का शरीर उसका आदी हो चला है।

ऐसे में यदि वह इन सबको एक दम से छोड़ने की सोचता है तो वह इनके बिना जी तक नहीं पाता है। जिसके कारण उन्हें छोड़ना तो दूर उनके बिना तो कुछ लोग जिंदगी की कल्पना तक नहीं कर पाते हैं। तो वहीं कुछ लोग नए साल में खुद को स्वस्थ रखने का संकल्प लेते हैं।

जिसके लिए वह सबसे अच्छी जिम का भी प्रबंध खोज निकालते हैं लेकिन कुछ समय बाद देखा गया है कि सामने वाला व्यक्ति मुश्किल से एक हफ्ते ही उस दिनचर्या पर अडिग रह पाया। साथ ही कुछ लोग इस तरह के संकल्प भी लेते हैं कि वह अपना अधिकतर समय फोन में व्यतीत करते है। नए साल से वह सोशल नेटवर्किंग से काफी दूर हो जाएंगे। उसके उलट हकीकत यह होती है कि व्यक्ति संकल्पों पर अमल करने की जगह उनको खुद पर थोपने की कोशिश करता है।

जिसके चलते वह खुद के बनाए गए संकल्पों से ही हतोत्साहित हो जाता है। फिर धीरे धीरे अपनी पुरानी जिंदगी में ही वापस लौटना उसे मुनासिब लगता है। कभी कभी देखा गया है कि व्यक्ति अच्छी बातें करता है लेकिन जब उस पर अमल करने की बात आती है तो उसके पसीने छूट जाते हैं। जैसे कि हम सब जानते है कि दीवाली पर पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण होता है लेकिन हममें से कितने ही लोग इसे प्रथा समझकर निभाते चले जा रहे हैं। इसी प्रकार से ना जाने कितने ही नए साल में लिए जाने वाले संकल्पों को हम अधूरा ही छोड़ देते हैं।

नए साल में लिए जाने वाले संकल्प 

कहते है यदि कोई व्यक्ति अपने निर्धारित लक्ष्य को टुकड़ों में बांटकर पाने की कोशिश करता है तो उसे अपनी मंजिल का रास्ता बोझिल नहीं लगता है। ऐसे में नए साल के मौके पर व्यक्ति को खुद से कुछ ऐसे वादे करने चाहिए। जिसे वह धीरे धीरे करके वास्तव में पूरा कर सके और जिंदगी में आगे बढ़ सके। जैसे कि……

1. नियमित व्यायाम करने से हमें स्वस्थ शरीर की प्राप्ति होती है।

2. समय पर सोना और समय पर जगना ही सफल जीवन की निशानी है।

3. दिन भर में व्यक्ति को कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए।

4. स्वस्थ आहार लेने पर ही व्यक्ति अधिम समय तक चुस्त दुरुस्त बना रहता है।

5. जीवन में निरन्तर सीखने की प्रवृत्ति ही मनुष्य को सफ़लता के रास्ते पर ले जाती है।

6. व्यक्ति के जीवन में समस्या बिन बुलाए मेहमान की तरह होती हैं। ऐसे में नए साल पर आप पैसों की बचत का संकल्प भी ले सकते हैं।

7. साल 2020 ने हमें सीखा दिया कि यदि हम विकास के नाम पर पर्यावरण का दोहन करेंगे तो भविष्य में उसके परिणाम भयानक होंगे। ऐसे में हमें पर्यावरण के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लेना होगा।

8. नए साल में संकल्प के तौर पर इस बार आप खुद की ऐसी आदतों को छोड़ सकते हैं। जोकि आपके व्यवहार पर नकारात्मक असर डालती हैं।

9. कहते है बिना उद्देश्य का जीवन किसी काम का नहीं होता इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में किसी ना किसी लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेना चाहिए।

10. भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति इतना व्यस्त हो गया है कि उसके पास खुद के लिए भी समय नहीं है। ऐसे में इस बार हमें खुद को समय देने का संकल्प लेना चाहिए।

नए साल में लिए गए संकल्पों को कैसे पूरा करें?

यदि हम नए साल में लिए गए संकल्पों को पूरा करना चाहते हैं तो हमें कुछ बदलाव करने होंगे। जैसे यदि आप उचित समय और नियमित तौर पर अपनी कक्षा में उपस्थित होना चाहते है तो उस एक संकल्प को पूरा करने के लिए आप अपनी सारी फीस जमा कर दें। इससे जब आप अपने इस संकल्प को तोड़ेंगे तो इस पर विचार जरूर करेंगे।

इसके साथ ही यदि आप जिम जाने का संकल्प करते हैं तो आप शुरुआत ऐसे करें कि आप खुद से कहें कि आप सोमवार की शाम को और शुक्रवार की दोपहर में जाएंगे। इसके बाद आप ये सोचना कि मैं इससे अधिक बार जाऊंगा। ऐसे करके आप अपने संकल्प को पा सकोगे।

इसके अलावा यदि आप इस साल कोई नई भाषा सीखने का संकल्प करते हैं तो आपको सुबह शाम उस भाषा में प्रसारित कार्यक्रमों को सुनने की आदत डाल लेनी चाहिए तभी आप उसे सीख पाएंगे।

साथ ही एक रिपोर्ट की मानें तो अधिक लंबे समय तक बनाए रखने वाले संकल्प अधिक सफल रहते हैं। इसलिए आप जो भी लक्ष्य निर्धारित करें उसे निकट भविष्य के लिए बनाएं और फिर उसी अनुरूप कार्य करें।

इतना ही नहीं यदि आप अपने संकल्पों को वास्तव में पूर्ण करना चाहते हैं तो उन्हें थोड़ा थोड़ा करके पूरा करने की कोशिश करें तभी आप नए साल में लिए गए संकल्पों पर अमल कर पाएंगे।

इस प्रकार, नए साल में आपके द्वारा लिए गए संकल्प पूर्ण हो। इसी आशा के साथ आपको नए साल की ढेर सारी बधाईयां !


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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