Osho Quotes in Hindi – ओशो के विचार

ओशो एक भारतीय विचारक, धर्म गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक के तौर पर जाने जाते हैं। इन्होंने जीवन भर रूढ़िवादी विचारों की आलोचना की लेकिन मानव कामुकता पर खुलकर प्रतिक्रिया देने के चलते इन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।

इनका जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्य प्रदेश में हुआ था। इन्हें रजनीश आंदोलन का प्रणेय नेता भी माना जाता है। ओशो को आध्यात्मिक जगत में क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है। आज इनके समर्थक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और इनके विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में आज आपको आपको ओशो के विचारों से रूबरू करवाएंगे।

50 Osho Quotes in Hindi


1. मनुष्य यदि वास्तव में सच्चाई को महसूस करना चाहता है तो उसके खिलाफ कोई राय ना बनाएं।

2. किसी दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने से बेहतर है आप जैसे है खुद को वैसे ही स्वीकार कीजिए।

3. व्यक्ति को खुद की खोज करनी चाहिए क्योंकि यदि वह इसके लिए भी किसी दूसरे की राय पर निर्भर रहता है तो वह उसके लिए सही नहीं होगा।

4. किसी रिश्ते में जब प्यार और नफ़रत दोनों ही नहीं होते तो वहां सब कुछ स्पष्ट और निर्विवाद हो जाता है।

5. मित्रता एक ऐसा प्रेम है जहां हर कोई प्रेम देकर खुशी का जश्न मनाता है।

6. प्यार और अहंकार एक दूसरे से विपरित है। प्यार देने का नाम है और अहंकार लेने का।

7. यदि कोई व्यक्ति किसी कार्य की प्रेम से करता है तभी उसमें सफल हो पाता है और कार्य को सम्राट की भांति पूर्ण करता है।

8. मनुष्य का दिल केवल उसके वर्तमान से ही परिचित होता है। उसे भविष्य और अतीत की कोई जानकारी नहीं होती है।

9. जब मनुष्य की तुलना देवी और देवताओं से की जाती है तो इसका मतलब मनुष्य में क्षमतावान है।

10. मनुष्य को अतीत के साथ वर्तमान में प्रवेश नहीं करना चाहिए। उसे पुराने पाठों का अध्ययन करने के बाद उसे बंद कर देना चाहिए।

11. जीवन में बदलाव के लिए यदि आप केवल बाहरी परिवर्तन करते हैं तो कभी संतुष्ट नहीं हो सकते हैं। उसके लिए आंतरिक परिवर्तन जरूरी है।।

12. यदि वास्तव में खुश रहना चाहते हैं तो फूलों को देखिए, पेड़ों को देखिए और बादलों को देखिए। वह बिना किसी कारण के आपको सदा ही प्रसन्नचित नजर आएंगे।

13. व्यक्ति के जीवन में त्रासदी जैसा कुछ नहीं होता है। जीवन एक हास्य है जिसका मतलब है उपयुक्त हास्य का बोध होना।

14. जो ईश्वर की उपस्थिति पर सवाल खड़े करते हैं। उन्हें सागर का प्रमाण जल की बूंद से नहीं मिल जाता है।

15. जब व्यक्ति कोई भूल कर बैठता है तो उसे घबराना नहीं चाहिए क्यूंकि

16. व्यक्ति जैसा होता है, वह वैसा ही सोच पाता है।

17. जीवन की वास्तविकता इसी में है कि आप किसी बच्चे की तरह भोले और कम ज्ञानी बने रहें।

18. जिंदगी कोई मुसीबत का नाम नहीं है बल्कि यह एक खूबसूरत उपहार है।

19. प्रत्येक व्यक्ति जिसे मानव का जन्म मिला है उसे एक राजा की भांति जीवन बिताना चाहिए।

20. जब मनुष्य सृजन की कला जान लेता है तभी उसके अस्तित्व का विकास होता है।

21. जो व्यक्ति मुर्ख होता है वह दूसरों पर हंसता है। जो व्यक्ति बुद्धिमान होता है वह खुद पर हंसता है।

22. प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में विचारशील बनने की जरूरत है। 

23. जो व्यक्ति आधे अधूरे ज्ञान के साथ आगे बढ़ता है। वह अंत तक अज्ञानी ही बना रहता है।

24. जब कोई व्यक्ति किसी के साथ प्रेम में होता है तो उस रिश्ते का आधार आज़ादी होता है। फिर जब आज़ादी खत्म तो रिश्ता खुद ही टूट जाता है।

25. व्यक्ति का ज्ञान ही उसे समस्त चीज़ों से मुक्ति दिलवा सकता है।

26. कोई सोचे कि उपयुक्त व्यक्ति आपकी तकदीर संवार देगा तो नहीं। इस संसार में हर कोई अपनी हकीकत को बयां करने में लगा है।

27. यदि आपके जीवन में प्रेम की जगह है तो आप एक महान जीवन जी रहे हो।

28. व्यक्ति के जीवन में प्यार तभी मुकम्मल है जब तक वह एक दूसरे के व्यक्तिगत मामलों मैं दखल ना दें बल्कि एक दूसरे का सम्मान करें।

29. इस दुनिया में प्रेम वहीं लोग कर सकते हैं जो कुछ ना बनने के हमेशा लिए तैयार रहते हैं।

30. यदि आप स्वयं के साथ खुश नहीं हो तो कोई भला आपके साथ कैसे खुश रह सकता है।

31. यदि व्यक्ति यह सोच ले कि उसके जैसा इंसान दुनिया में कोई नहीं है और ना कभी होगा। तो उसे अपने भविष्य की दिशा आसानी से मिल सकती है।

32. वह व्यक्ति ही जीवन में अपना सब कुछ समर्पण कर सकता है जो कहता है कि उसके पास कुछ नहीं है।

33. आत्महत्या सिर्फ यह साबित करती है कि हम जिंदगी के बड़े स्तर को जीने के काबिल नहीं है।

34. यदि आपके पास आज्ञाकारी शिष्य है तो आप अच्छे है। परन्तु यदि आपके पास बुद्धिमान दोस्त है तो आप भाग्यशाली हैं।

35. मानव जीवन ठहराव और गति के बीच का संतुलन है।

36. जो व्यक्ति श्रेष्ठता से सोचता है वह इस तुच्छ प्राणी है। क्योंकि यह बात एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह है।

37. जो व्यक्ति भरोसा करता है वह जिंदगी खुशी से बीतता है। इसके विपरित जो भरोसा नहीं करता है उसका जीवन डर और भय में निकलता है।

38. मानव की बुद्धिमता सदैव सीमा में बंधकर नहीं बढ़ती बल्कि उसके लिए प्रयोगों की आवश्यकता है।

39. मानव जीवन में यह मायने नहीं रखता कि आप किसे प्रेम करते हो, क्यों प्रेम करते हो? जरूरी यह है कि आप प्रेम करते हो।

40. व्यक्ति यदि अंदर से सही है तो वह हमेशा सही करेगा लेकिन यदि वह अंदर से गलत है, तो उसके द्वारा किए गए कार्यों का परिणाम गलत ही सामने आएगा।

41.  जब व्यक्ति को अपने प्रेम और सच्चाई में से किसी का चयन करना हो तब आपका सच आपके लिए फलदाई हो सकता है।

42. जब भी आप अपने भीतर झांकेंगे और यदि वहां नकारात्मकता भरी होगी। तब आप समझेंगे कि वह कुछ नहीं बस आपका अहंकार है।

43. जिंदगी एक शीशे की तरह है जो हमारे चेहरे की प्रतिकृति दिखाता है।

44. मृत्यु के बाद का जीवन कैसा होगा उसे सोचने से बेहतर है कि मृत्यु से पहले जो जीवन मिला उसे आपने कैसे जिया है।

45. व्यक्ति को सदैव अपने दिल की सुननी चाहिए क्योंकि वही उसका असली शिक्षक होता है।

46. प्रत्येक महिला ईश्वर द्वारा रचित एक सुंदर कृति है, उसकी तुलना निंदनीय है।

47. जीवन में कितना सीखें सवाल यह मायने नहीं रखता है। बल्कि कितना भुला सकते है यह जरूरी है।

48. जिस दिन आपने सोच लिया कि आपके पास सारा ज्ञान है उस दिन से आप मृत जीवन जिएंगे।

49. व्यक्ति को जीवन सदा ही आकाश में एक ऊंचे शिखर की तरह व्यतीत करना चाहिए।

50. इस दुनिया में दूसरे मनुष्य से रिश्ता वहीं जोड़ते हैं जो अकेले नहीं रह सकते हैं।

इस प्रकार, ओशो समाज के एक ऐसे विचारक थे जो लोगों को सदा ही निडर होकर जीवन जीने की प्रेरणा देते थे। साथ ही धार्मिक पाखंडों और कर्मकांडो की बजाय मानव प्रेम की विचारधारा का समर्थन करते थे। उनके द्वारा प्रेषित किए गए विचार व्यक्ति को मजबूत और प्रभावी बनाते हैं।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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