Sentence in Hindi – वाक्य किसे कहते हैं? | वाक्य की परिभाषा, भेद एवं उदहारण

Sentence in hindi

English Grammar की इस श्रृंखला में आज हम Sentence और उसके प्रकार के बारे में पढ़ेंगे। 
sentence अंग्रेजी भाषा में शब्दों के उचित क्रम के माध्यम से बनाए जाते हैं। इन्हें हिंदी में वाक्य कहा जाता है।

जब लोग भाषा का इस्तेमाल करते समय वर्णों और शब्दों को एक साथ क्रमबद्ध तरीके से बोलते हैं, तो उसे ही Sentence कहा जाता है। इसके माध्यम से शब्दों का सही अर्थ ज्ञात होता है। इस प्रकार, जिनसे शब्दों की पूर्ण अभिव्यक्ति प्राप्त होती है, वह sentence कहलाते हैं।

Sentence मुख्यता parts of speech के नियमबद्ध तरीके से प्रयोग के बाद बनते हैं। साथ ही जो sentence अंग्रेजी व्याकरण के निश्चित नियमों के आधार पर बनाए जाते हैं, वहीं पूर्ण वाक्य कहलाते हैं।

Example:-

  • My name is Shagun. (मेरा नाम शगुन है)
  • Ram does not go to school. (राम स्कूल नहीं जाता है)
  • Does she sing a song? (क्या वह गाना गाती है?)
  • Woow! How beautiful is this? (अरे वाह! यह कितना सुंदर है)
  • May God bless you!  (ईश्वर तुम्हें दीर्घायु दे!)


Parts of Sentences (वाक्य के भाग)

वाक्य के दो भाग होते हैं-

  • Subject (कर्ता) – किसी वाक्य में जिसके बारे में बात की जाती है, उसे subject कहा जाता है। जोकि आम तौर पर noun या pronoun होता है।
  • Predicate (विधेय) – Subject के विषय में जो कुछ भी कहा जाता है, उसे predicate कहते हैं। इसके अंतर्गत Object और Adjective आता है।

    Subject और predicate के अन्य भागों के बारे में हम अगले लेख में विस्तार से जानेंगे।


Types of Sentences (वाक्य के प्रकार)

Sentence के कुल 5 प्रकार होते हैं। जोकि निम्न प्रकार से हैं- 
(नोट- वाक्यों से जुड़े व्याकरण संबंधी नियमों को आगे विस्तार से बताया जाएगा।)

  1. Assertive sentence (सामान्य वाक्य)
  2. Interrogative sentence (प्रश्नवाचक वाक्य)
  3. Imperative Sentence (आदेशात्मक वाक्य)
  4. Operative Sentence (इच्छा सूचक वाक्य)
  5. Exclamatory sentence (विस्मयादिबोधक वाक्य)

1. Assertive sentence (सामान्य वाक्य) – जिन वाक्यों को वक्ता द्वारा श्रोता से केवल साधारण तौर पर कुछ कह या बोल दिया जाता है, वह सामान्य वाक्य की श्रेणी में आते हैं। इसमें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार के वाक्यों का प्रयोग होता है। 
Example:- 

  • सीता स्कूल जाती है। (Seeta goes to school)
  • सीता स्कूल नहीं जाती है। (Seeta does not go to school)


2. Interrogative sentence (प्रश्नवाचक वाक्य) – जिन वाक्यों के माध्यम से कर्ता या वक्ता द्वारा श्रोता से सवाल पूछा जाता है, तो वहां प्रश्नवाचक वाक्य मौजूद होता है। जैसे – when, what, why, which, how many, how much, how, whom, whose etc.
Example:-

  • Where are you going? (तुम कहां जा रहे हो?)
  • Why are you crying? (तुम क्यों रो रहे हो?)

3. Imperative Sentence (आदेशात्मक वाक्य) – जिन वाक्यों में प्राय: कर्ता का लोप होता है, उन्हें आदेशात्मक वाक्य कहते हैं। इनमें आदेश या विनती का भाव प्रदर्शित होता है। 
Example:-

  • Please do me a favor. (कृपया मेरी मदद कीजिए)
  • Don’t pluck the flowers. (फूल मत तोड़ो)

4. Optative Sentence (इच्छासूचक वाक्य) – जिन वाक्यों में ईश्वर से प्रार्थना और विनती की जाती है, वह इच्छासूचक वाक्य कहलाते हैं।  इसमें व्यक्ति द्वारा आशीर्वाद और इच्छा भी व्यक्त की जाती है।
Example:-

  • May God bless u. (ईश्वर की तुम पर कृपा बनी रहे)
  • Wish you a very happy and successful married life. (आपके सफल वैवाहिक जीवन की कामना करता हूं)

5. Exclamatory sentence (विस्मयादिबोधक वाक्य) – जब हृदय से निकले भाव जैसे दुःख, सुख, आश्चर्य या शोक व्यक्त किया जाता है, तब वहां विस्मयादिबोधक वाक्य होते हैं।
Example:-

  • Hurrah! We won the match. (हुर्रे! हम मैच जीत गए)
  • Such a foolish thing it is! (ऐसी मूर्खतापूर्ण बात है!)

आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अवश्य ही पसंद आई होगी। ऐसे ही English Grammar से जुड़े अन्य लेख पढ़ने के हमें फॉलो करना ना भूलें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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