योगी आदित्यनाथ की जीवनी

उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान एक कट्टर हिन्दू नेता के तौर पर की जाती है। इनका बहुत ही कम आयु में संन्यास की ओर झुकाव हो गया था जिसके कारण आज वह एक कुशल राजनीतिज्ञ, संन्यासी और समाज सुधारक के तौर पर जाने जाते हैं। तो चलिए आज आपको रूबरू करवाते चलते है योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत जीवन से। जिनका जीवन एक खुली किताब की तरह है जिसमें किसी भी तरह का कोई भेद नहीं है।

योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखण्ड) के पौड़ी गढ़वाल स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ था। इनका पूरा नाम अजय सिंह बिष्ट है। इनके पिता जी का नाम आंनद सिंह बिष्ट है जोकि फॉरेस्ट रेंजर थे। जिनका साल 2020 में 20 अप्रैल को निधन हो गया।

इनकी माता का नाम सावित्री देवी है। योगी आदित्यनाथ अपने सभी सात भाई बहनों में पांचवे स्थान पर हैं। साल 1977 में योगी आदित्यनाथ ने टिहरी इलाके के गजा स्थित स्थानीय स्कूल से प्राइमरी शिक्षा ग्रहण की।

तत्पश्चात् साल 1987 में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और साल 1989 में ऋषिकेश के श्री भत इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। साथ ही साल 1992 में उन्होंने श्रीनगर के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित विषय से बीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की।

इस दौरान वह दुनिया के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए थे। इसी दौरान वह कोटद्वार में रह रहे थे कि तभी उनके कमरे से उनके स्नातक के प्रमाण पत्र चोरी हो गए। जिस कारण वह गोरखपुर के एक विश्व विद्यालय में स्नाकोत्तर में प्रवेश ना ले सके।

फिर उन्होंने ऋषिकेश के एक विश्वविद्यायल से एमएससी में प्रवेश लिया लेकिन उन दिनों राम मंदिर आंदोलन के चलते इनका ध्यान पढ़ाई से भंग हो गया। इसके बाद वह साल 1993 में गोरखपुर में गोरखनाथ पर शोध करने गए तब उनकी मुलाकात महंत अवैद्यनाथ से हुई। जिनसे मिलने के बाद वह साल 1994 में पूर्ण संन्यासी बन गए। साथ ही साल 2014 में महंत अवैद्यनाथ की मृत्यु के बाद योगी आदित्यनाथ को गोरखनाथ मंदिर का पीठाधीश्वर बना दिया गया।

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन

साल 1998 में योगी आदित्यनाथ ने मात्र 26 साल की उम्र में अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। फिर साल 1998 – 1999 में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से दुबारा सांसद चुने गए।

साल 2004 में इन्होंने लोकसभा का चुनाव तीसरी बार जीता। फिर साल 2009 में योगी आदित्यनाथ को लोकसभा चुनावों में 2 लाख वोटों से जीत मिली। इसके बाद साल 2014 में योगी आदित्यनाथ को 2 लाख से अधिक वोट मिले और वह दुबारा सांसद चुन लिए गए।

हालांकि यूपी में 12 विधानसभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ को काफी निराशा हाथ लगी लेकिन साल 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया। इस दौरान उन्हें एक हेलीकॉप्टर भी दिया गया था। परिणामस्वरूप साल 2017 में उत्तर प्रदेश के चुनाव जीतने के बाद विधायक दल के समर्थन से योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। इस प्रकार योगी आदित्यनाथ का भाजपा से काफी पुराना नाता रहा है।

योगी आदित्यनाथ का विवादों से रहा गहरा संबंध

योगी आदित्यनाथ की भारतीय समाज में छवि एक कट्टर हिन्दू नेता के तौर है। ऐसे में इन्हें कई बार अपने विरोधियों का सामना करना पड़ा है। साल 2008 में आजमगढ़ जाते वक्त योगी आदित्यनाथ पर कुछ अराजक तत्वों ने मिलकर हमला कर दिया था। इस हमले में वह बाल बाल बच गए थे।

इसके अलावा एक बार मोहर्रम पर मुस्लिम समुदाय द्वारा बंदूक चलाने पर एक हिन्दू युवा नेता के गोली लग गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने वहां कर्फ़्यू लागू कर दिया था। इसके बावजूद योगी आदित्यनाथ ने
हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शोक सभा का आयोजन किया। जिस पर पुलिस ने उन्हें धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत गिरफ्तार कर लिया था।

इसके अलावा योगी आदित्यनाथ के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में दंगे भड़काने का आरोप भी लग चुका है। साथ ही उत्तर प्रदेश के एटा में योगी आदित्यनाथ ने लगभग 1800 ईसाइयों का शुद्धिकरण करके उनको हिन्दू धर्म में परिवर्तित करवा दिया था। जिसके कारण वह चर्चा का विषय बने रहे थे।

योगी आदित्यनाथ के जीवन से जुड़े रोचक तथ्य

1. योगी आदित्यनाथ एक संन्यासी और बाल ब्रह्मचारी व्यक्ति हैं।

2. योगी आदित्यनाथ के आदेशानुसार गोरखनाथ मंदिर में होली और दीवाली एक दिन बाद मनाई जाती है।

3. उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ का तीसरा स्थान है।

4.  योगी आदित्यनाथ ने एक बाघ के बच्चे को दूध पिलाया था जिसकी तस्वीरें काफी वायरल हुई थी।

5. योगी आदित्यनाथ अब तक करीब 1800 ईसाइयों को सनातनी तौर तरीकों से हिन्दू बना चुके हैं।

6. योगी आदित्यनाथ हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं। जिसकी स्थापना अप्रैल 2002 में की गई थी।

7. योगी आदित्यनाथ गोरखपुर मंदिर से प्रकाशित किताब योगवाणी के प्रधान संपादक भी हैं। साथ ही वह  हिन्दवी नामक साप्ताहिक समाचार पत्र के प्रधान संपादक भी रह चुके हैं।

8.  योगी आदित्यनाथ एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ साथ एक लेखक भी हैं। इन्होंने यौगिक षट्कर्म, हठयोग, राजयोग और हिन्दू राष्ट्र नेपाल इत्यादि पुस्तकें लिखी हैं।

9. योगी आदित्यनाथ बाहरवीं लोकसभा के सबसे युवा सांसद थे।

10.  योगी आदित्यनाथ अबतक पांच बार सांसद रह चुके हैं। खास बात यह है कि योगी आदित्यनाथ सांसद बनने के बाद संस्कृत भाषा में शपथ लेते हैं।

इस प्रकार, योगी आदित्यनाथ वर्तमान राजनीति का एक लोकप्रिय चेहरा है। साथ ही वह सदैव ही अपने राष्ट्रवादी कार्यों के लिए अपने प्रशंसकों के बीच प्रसिद्ध हैं। हालांकि भाजपा से एक बार इनके मनमुटाव भी सुनने में आए थे लेकिन वह भाजपा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

हाल ही में कोरोना काल के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कई कड़े फैसले लिए। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ अधिकतर शहरों और इलाकों के नाम बदलने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज, अलीनगर को आर्यनगर, उर्दू बाज़ार को हिंदी बाज़ार, मियां बाज़ार को माया बाज़ार कर दिया है।

साथ ही उन्होंने प्रदेश में गौ हत्या, लव जिहाद इत्यादि मामलों को लेकर खासा सख्ती बरती है। इसके अलावा प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए योगी आदित्यनाथ अपराधिक मामलों पर पैनी नजर रखते हैं। इतना ही नहीं प्रदेश की जनता से सीधे संवाद के लिए योगी आदित्यनाथ जनता दरबार का भी आयोजन करते हैं।

Yogi Adityanath Image Credit – Wikimedia


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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