Manpreet Singh ka Jivan Parichay

मनप्रीत सिंह ने हॉकी में 41 साल बाद भारत को दिलाया मेडल, जानिए इस खिलाड़ी के बारे सब कुछ।

मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी के वर्तमान कप्तान हैं। जिनके नेतृत्व में टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने जर्मनी की टीम को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह से ओलंपिक खेलों में भारत की हॉकी टीम ने करीब 41 साल बाद मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।

जिसका सम्पूर्ण श्रेय हॉकी के वर्तमान कप्तान मनप्रीत सिंह और उनकी टीम को दिया जाता है। ऐसे में आज हम मनप्रीत सिंह के जीवन के बारे में विस्तार से जानेंगे, कि कैसे मनप्रीत सिंह ने शुरुआत की अपने इस हॉकी के सफर की।

मनप्रीत सिंह का संक्षिप्त परिचय (Manpreet Singh Short Bio)

पूरा नाममनप्रीत सिंह पवार/ सिंधु
उपनामपैसा और कोरियाई (तेज रफ्तार के कारण)
जन्म26 जून 1992
जन्म स्थानजालंधर
आयु29 वर्ष
लंबाई5′ 6”
कोचबलदेव सिंह और ग्राहम रीड
संपत्ति15 करोड़ लगभग
पसंदीदा खेलहॉकी
पसंदीदा फिल्मचक दे इंडिया
शौकटैटू बनवाना
पसंदीदा संगीतकारदिलजीत दोसांझ
व्यायामस्कॉट्स
पिता का नामबलजीत सिंह
माता का नाममंजीत
भाईअमनदीप सिंह और सुखराज सिंह कुशल
जीवनसाथीइली नजवा सद्दीकी (नवप्रीत)
ब्रांड एंबेसडरAdidas
पहचानफील्ड हॉकी प्लेयर और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान
पदपंजाब पुलिस में डीएसपी रैंक पर कार्यरत
खेल पुरस्कारअर्जुन पुरस्कार

मनप्रीत सिंह का जीवन परिचय (Manpreet Singh Biography in Hindi)

मनप्रीत सिंह का पूरा नाम मनप्रीत सिंह पवार है। इनका जन्म 26 जून 1992 को पंजाब के जालंधर में स्थित मीठापुर नामक गांव में हुआ था। इनके पिता बलजीत सिंह जोकि एक किसान थे। उनका निधन बीते 6 अप्रैल 2016 को हो गया था। इस दौरान मनप्रीत सिंह को सुल्तान जौहोर कप खेलने जाना था। जिसपर मनप्रीत की माता मंजीत ने उनका हौसला बनाए रखा और पिता की मृत्यु के बावजूद उन्हें मैच खेलने के लिए भेज दिया।

मनप्रीत सिंह को हॉकी की प्रेरणा अपने दोनों बड़े भाइयों अमनदीप सिंह और सुखराज सिंह कुशल से मिली थी। वह दोनों भी काफी अच्छे हॉकी खिलाड़ी थे। साथ ही भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान परगत सिंह भी मनप्रीत के प्रेरणास्त्रोत हैं।

हालांकि मनप्रीत की मां बचपन में उन्हें हॉकी नहीं खेलने दिया करती थी, क्योंकि मनप्रीत अपनी पढ़ाई-लिखाई छोड़कर हॉकी खेलने निकल पड़ते थे। लेकिन अपने बड़े बेटों की बात मानकर और मनप्रीत की हॉकी में रुचि को देखते हुए उन्होंने मनप्रीत को हॉकी खेलने की अनुमति दे दी। जिसके बाद मनप्रीत सिंह मैदान में जाकर हॉकी खेला करते थे। 

मनप्रीत के पिता के गुजर जाने के बाद उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। जिसके बाद मनप्रीत के दोनों भाई विदेश चले गए और उनकी माता छोटे मोटे काम करके अपनी गृहस्थी चलाती थी। ऐसे में मनप्रीत जब मात्र 10 वर्ष के थे, तब उन्होंने हॉकी के एक मैच में 500 रुपए का नकद पुरस्कार जीता था।

जिससे प्रभावित होकर मनप्रीत के परिवार वालों ने उन्हें हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित करना आरंभ कर दिया। फिर साल 2005 में मनप्रीत ने हॉकी प्रशिक्षण के लिए सुरजीत हॉकी अकादमी, जालंधर में प्रवेश ले लिया। इसके बाद मनप्रीत सिंह ने साल 2010 के बाद से भारत के लिए खेलना आरंभ कर दिया था। 


मनप्रीत सिंह की शादी (Manpreet Singh Marriage)

साल 2013 में जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने सुलतान जौहोर कप जीता था। तब मनप्रीत सिंह की मुलाकात मलेशियाई पाकिस्तानी इली नवाज सद्दीकी से हुई थी। जिनसे पहली ही नजर में मनप्रीत सिंह को प्रेम हो गया था। ऐसे में एक दूसरे को अच्छे से जानने और समझने के पश्चात् मनप्रीत सिंह ने इली नवाज सद्दीकी से साल 2020 में शादी कर ली। 

इस प्रकार, मनप्रीत सिंह अपने स्कूल के दिनों से हॉकी के खेल में रुचि लेने लगे थे। उनके हॉकी के प्रति इसी जुनून और उत्सुकता के चलते आज वह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान है। जिनका मैदान में खेल देखकर हर कोई इनका फैन हो जाता है। आपको बता दें कि मनप्रीत सिंह हैफबैक स्थिति में हॉकी खेलते हैं।


मनप्रीत सिंह द्वारा खेले गए मैच (Manpreet Singh Matches)

2010 – कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता पदक।
2011 – चीन में आयोजित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पर किया कब्जा।
2012 – लंदन ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, लेकिन हारे मैच।
2013 – तीसरा सुलतान जौहोर कप मलेशिया में जीता। यह कप जीतने वाले वह पहले भारतीय कप्तान हैं।
2014 – सिंधिया गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट की तरफ से खेला मैच।
2014 – एशियाई खेलों में पाकिस्तान को हराकर जीता स्वर्ण।
2014 – अंतरराष्ट्रीय फील्ड हॉकी टूर्नामेंट में जीता रजत पदक।
2016 – सुलतान अजलान शाह कप में दूसरा स्थान।
2017 – एशिया हॉकी कप में स्वर्ण जीता।
2017 – हॉकी लीग फाइनल मुकाबले में जीता कांस्य।
2018 – हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी में जीता रजत पदक।
2018 – एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में जीता स्वर्ण।
2018 – एशियाई खेलों में जीता कांस्य


मनप्रीत सिंह को बनाया गया कप्तान (Captain Manpreet Singh)

2008 – म्यांमार में आयोजित जूनियर एशिया कप के लिए बनाया कप्तान।
2013 – जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए बनाए गए कप्तान।
2014 – रांची राइनोज टीम के सदस्य।
2015 – रांची रेज के सदस्य।
2016 – तीन देशों के हॉकी टूर्नामेंट के लिए बनाया गया कप्तान।
2017 – भारतीय हॉकी के तत्कालीन कप्तान पीआर श्रीजेश के चोटिल होने के कारण मनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बने।


मनप्रीत सिंह को मिले पुरस्कार व सम्मान

2014 – एशिया के जूनियर प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला।
2015 – हॉकी इंडिया वर्षीय पुरस्कार/ सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर का अवार्ड मिला।
2015 – एशियाई हॉकी संघ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का मिला पुरस्कार।
2018 – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों मिला अर्जुन पुरस्कार।
2019 – प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड (फेडरेशन इंटरनेशनल डी हॉकी)।
2019 – प्लेयर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड (हॉकी इंडिया ध्रुव बत्रा)
2021 – स्पोर्ट्समैन ऑफ द डिकेड का अवॉर्ड मिला।

आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा प्रेषित की गई जानकारी अवश्य पसंद आई होगी। इसी प्रकार से अन्य भारतीय खिलाड़ियों की प्रेरक जीवनियों के बारे में जानने के लिए हमारी वेबसाइट Gurukul99 पर दुबारा आना ना भूलें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page.