पढ़ाई कैसे करें – Self Study Kaise Kare

  तमसो मा ज्योतिर्गमय

हे प्रभु ! मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। उपयुक्त पंक्तियां इस बात की ओर ईशारा करती है कि मानव जीवन में ज्ञान के बिना कुछ भी संभव नहीं है। ज्ञान के बल पर ही व्यक्ति सही गलत में भेद कर पाता है, अच्छे बुरे की पहचान कर पाता है और दूध-पानी में अंतर समझ पाता है।

और यदि उसे इन बातों का कदाचित ज्ञान नहीं होता है, तो वह मात्र एक चरने वाले जीव की भांति है। ऐसे में ज्ञान की प्राप्ति के लिए शिक्षा ग्रहण करना आवश्यक है। जोकि किसी भी व्यक्ति को उम्र के विभिन्न पड़ावों पर अलग अलग चरणों में प्राप्त करनी होती है।

जहां प्राचीन काल में भारत में वेदों की शिक्षा प्रदान की जाती थी। तो अब आधुनिक समय में शिक्षा को मौलिक अधिकारों में शामिल किया गया है। साथ ही आज देश के शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी को तकनीकी शिक्षा के साथ साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जा रहा है।

ऐसे में आधुनिक समय में समाज में प्रतिस्पर्धा का माहौल भी देखने को मिलता है। जिसके चलते आज अधिकतर विद्यार्थी मेहनत से पढ़ाई करके जीवन में सफल होने की चेष्टा रखते हैं। तो वहीं कुछ विद्यार्थी ऐसे भी है जो पढ़ाई के प्रति तो गंभीर होते है, लेकिन पढ़ी हुई चीजों को अधिक समय तक याद नहीं रख पाते हैं, या पढ़ाई के दौरान उनका ध्यान इधर उधर भटकने लगता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ एक उपायों के बारे में बताएंगे जिनको अपनाकर आप एकाग्रचित होकर पढ़ाई कर सकते हैं।

जिस प्रकार से जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मार्ग का पता होना आवश्यक है। ठीक उसी प्रकार से पढ़ाई करने से पहले उद्देश्य का स्पष्ट होना जरूरी है। ऐसे में पढ़ाई करने से पहले आपको यह विचार करना चाहिए कि आप क्यों पढ़ाई कर रहे हैं, और पढ़ाई से क्या हासिल करना चाहते हैं। इन सवालों का उत्तर पाते ही आप स्वयं ही पढ़ाई के प्रति गंभीर हो जाएंगे। इसके अलावा हमारे महान् ग्रन्थों में उपलब्ध मंत्रों का जाप करके भी विद्यार्थी अपना मन अधिक समय तक पढ़ाई में लगा सकते हैं-

गुर गृहं गए पढ़न रघुराई।अलप काल बिद्या सब आई।।


उपयुक्त मंत्र महान् ग्रन्थ रामचरितमानस के बालकाण्ड का है। जिसमें भगवान श्री राम के उनके भाइयों के विद्या अर्जन का उल्लेख किया गया है। मान्यता है कि इसका उच्चारण करने पर आपको ईश्वर विद्या का फल अवश्य देते हैं। लेकिन उसके लिए सिर्फ मंत्र पढ़ने से ही नहीं बल्कि मन में पढ़ाई के लिए दृढ़निश्चय होना भी आवश्यक है।

  1. सबसे प्रथम पढ़ाई करने के लिए आपके पास एक अलग कक्ष होना जरूरी है। साथ ही पढ़ाई करने के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां शांति हो और आप वहां टीवी की पहुंच से दूर हों। साथ ही आप घर का ऐसा कोना भी ढूंढ सकते हैं, जहां बिल्कुल शोर ना हो।

  2. पढ़ाई करने से पहले जरूरी सभी सामान एक ही जगह रख लें। ताकि पढ़ाई करते वक़्त बार बार सामान उठाकर लाने की दिक्कत ना हो। साथ ही इससे समय की भी बचत होती है। इसके अलावा पढ़ाई के दौरान टाइम टेबल भी बना लेना चाहिए। ताकि विषयों और किताबों का चयन करने में अधिक समय और श्रम ना व्यय करना पड़े।

  3. यदि आपको किसी दूसरे के साथ पढ़ाई करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है। तो समूह बनाकर पढ़ाई करना आपके लिए लाभप्रद हो सकता है। क्यूंकि समूह में पढ़ाई करने से आप खुद के साथ साथ दूसरों का दृष्टिकोण भी जान सकते है। साथ ही किसी विषय पर कठिनाई होने पर आप साथी की सलाह से उसे दूर कर सकते हैं।

  4. पढ़ाई करते वक़्त एनर्जी लेवल को व्यवस्थित रखने के लिए हल्के और पौष्टिक आहार को ग्रहण करना चाहिए। ताकि विषय को दोहराने में आपको बोरियत ना महसूस हो।

  5. पढ़ाई करने के लिए समय का निर्धारण करना जरूरी है। साथ ही पढ़ाई के दौरान बीच बीच में ब्रेक लेना चाहिए। क्यूंकि सर्वे में भी यह साबित हुआ है कि समय अंतराल से याददाश्त और परिणामों में सुधार होता है। हालांकि पढ़ाई के दौरान 10-15 मिनट का अंतराल काफी होता है।

  6. पढ़ाई करते समय अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखिए। ताकि पढ़ाई करते वक़्त यदि आपका मन ना लगे, तो लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से आपका मन दुबारा पढ़ाई में लग जाए। इतना ही नहीं यदि आप पढ़ाई करते वक़्त खुद को प्रेरित करते हैं, तो कठिन परिश्रम करने में आपको अधिक परेशानी नहीं होती।

  7. पढ़ाई करने के लिए किसी भी विषय के क्रमवार नोट्स बनाने से काफी सहायता मिलती है। और नोट्स बनाकर पढ़ाई करने पर रिवीजन के दौरान समय की बचत होती है।

  8. पढ़ाई करते वक़्त आत्मविश्वास रखना चाहिए। और पढ़ने से पहले यह निश्चित कर लेना चाहिए कि उपयुक्त विषय या पाठ में इतने वक़्त में पूरा करूंगा। और इस दौरान खुद से यही कहिए कि आप कर सकते है। फिर आपको अपनी परीक्षा में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

  9. स्मार्ट फोन के इस जमाने में विद्यार्थी इंटरनेट का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई में करते है। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके फोन की नोटिफिकेशन बंद रहे, ताकि पढ़ाई करते वक़्त आपका ध्यान अन्य चीजों खासकर मैसेज पर ना जाए।

  10. पढ़ाई के दौरान स्वस्थ मस्तिष्क का होना आवश्यक हैं। जिसके लिए 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना जरूरी है। साथ ही नियमित तौर पर सोना और जागना भी आवश्यक है।

इस प्रकार हमने पढ़ा कि पढ़ाई करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जिनके माध्यम से हम पढ़ाई में एकाग्रचित होकर ध्यान लगा सकते हैं। साथ ही अपनी स्मरण शक्ति को बढ़ा सकते है। और जब हम विद्यार्थी जीवन में रहकर अपनी पढ़ाई को अच्छे से पूरा करते हैं। तो आने वाले अपने जीवन को सफलता के पथ पर आसानी से अग्रसरित कर सकते हैं। और भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकते हैं। साथ ही अच्छी पढ़ाई ही हमें समाज में नाम, दौलत और शोहरत दिलाती है। और लोगों के बीच हमारी एक छवि प्रस्तुत करती है। इसलिए मानव जीवन में शिक्षा एक अहम भूमिका निभाती है।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर रही हूं। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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