जीत आपकी किताब का सारांश – “You Can Win” Book Summary in Hindi

किसी भी व्यक्ति के जीवन में सफलता काफी महत्व रखती है। जिसे पाने की खातिर मनुष्य हर संभव कोशिश करता है। लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि हर कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफलता की सीढ़ी तक नहीं पहुंच पाता है। ऐसे में जीवन में आगे बढ़ने के लिए सफल लोगों के पीछे के रहस्य को समझना जरूरी हो जाता है।

प्रसिद्ध भारतीय लेखक शिव खेड़ा की पुस्तक यू केन विन ( You can Win) जीवन में सफलता कैसे प्राप्त की जाए, इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए लिखी गई है। जिसमें जीवन के सफल सूत्रों के बारे में बड़े ही रोचक तरीके से वर्णन किया गया है। तो चलिए विस्तार से जानते है इस पुस्तक के बारे में, लेकिन उससे पहले जानते है मशहूर लेखक शिव खेड़ा के बारे में। जिन्हें इस विश्व प्रसिद्ध किताब को लिखने का श्रेय दिया जाता है।

लेखक शिव खेड़ा के बारे में

साल 1961 में झारखंड के धनबाद में 23 अगस्त को शिव खेड़ा का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। हालांकि इनका बचपन काफी संघर्षों में व्यतीत हुआ। लेकिन किसे मालूम था कि को बालक स्वयं दसवीं की कक्षा में फेल हुआ हो, वह आगे चलकर लोगों को सफलता के मूल मंत्र बतलाएगा। इतना ही नहीं इन्होंने अपने 30 साल के करियर में 16 किताबों की रचना की है। जिनमें सबसे अधिक प्रसिद्धि इन्हें यू केन विन से मिली। जिसकी 32 लाख से ज़्यादा प्रतियां 21 अलग-अलग भाषाओं में अब तक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बिक चुकी हैं।

इसके अलावा यह एक मशहूर लेखक होने के साथ-साथ सफल उद्यमी, मोटिवेशनल स्पीकर और एक शिक्षक के तौर पर भी जाने जाते हैं। और इनकी यू केन विन पुस्तक मूल रूप से इनके स्वयं के अनुभवों पर आधारित है और हर व्यक्ति को जीवन में सकारात्मक दिशा की ओर अग्रसरित करती है।

यू केन विन किताब का सारांश

प्रस्तुत किताब में लेखक ने जीवन में सफल होने के लिए जिन आठ तथ्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की है। वह इस प्रकार हैं, पहला हमें सदैव सकारात्मक विचारों पर गौर करना चाहिए।

दूसरा हमें किसी भी कार्य को कल पर नहीं टालना चाहिए। आज ही उसे पूरा करने का प्रयास करना चाहिए।

तीसरा हमें सदैव कृतघ्नता का रवैया अपनाना चाहिए, चाहे हमारे पास दुनिया की धन दौलत ना हो। लेकिन जो है उसके लिए हमेशा ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए।

चौथा हमें स्वयं को सही शिक्षा की ओर अग्रसर करना चाहिए। क्यूंकि शिक्षा के द्वारा ही हम अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

पांचवां हमारे दिल में सदैव आत्मसम्मान का भाव होना चाहिए, ताकि अपने साथ – साथ दूसरों के साथ भी अच्छा व्यवहार कर सकें। 

इसके अलावा हमें खुद को सदैव नकारात्मक विचारों से दूर रखना चाहिए। क्यूंकि नकारात्मक ताकतें जीवन में ऊर्जा का नाश करती हैं। साथ ही जीवन में बहुत सारे ऐसे कार्य होते है, जिन्हें हम नहीं करना चाहती।

लेकिन आवश्यकता पड़ने पर हमें उन्हें करने से कभी परहेज नहीं करना चाहिए। इतना ही नहीं किसी भी व्यक्ति को अपनी सुबह की शुरुआत एक सकारात्मक विचार से करना चाहिए। ऐसा करने से आपका पूरा दिन ऊर्जा से भरा रहता है।

इसके अतिरिक्त लेखक ने यू केन विन पुस्तक के पहले अध्याय में, सकारात्मक विचारों के माध्यम से जीवन में सफलता प्राप्ति को एक उदाहरण के माध्यम से समझाया है कि एक गुब्बारे वाला मेले में अलग अलग रंग के गुब्बारे बेचा करता था। और जब भी उसके गुब्बारों की बिक्री कम होने लगती थी, तो वह एक गुब्बारा हवा में उड़ा दिया करता था। और बच्चे आसमान में गुब्बारे देखकर उसे खरीदने की जिद किया करते थे। तभी एक बार उसके पास एक बच्चा आया वह उस गुब्बारे वाले से बोला, कि अंकल आप काला वाला गुब्बारा भी उड़ाए, वह भी उड़ सकता है। और इस उदाहरण के माध्यम से लेखक अपने पाठकों को यह समझना चाहता है कि सफल लोग जीवन में अपनी चीजों और कार्यों को लेकर अलग दृष्टिकोण अपनाते है। जिसे सामान्य लोग अलग तरीके से समझ पाते है।

ठीक इसी प्रकार से जीवन में यदि सफल होना है तो हमें नए नजरिए और दृष्टिकोण को महत्त्व देना चाहिए। क्यूंकि हावर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 85 प्रतिशत लोगों को नौकरी उनके दृष्टिकोण और 15 प्रतिशत लोगों को नौकरी उनकी बुद्धिमता के आधार पर मिलती है। 


पुस्तक के दूसरे अध्याय में लेखक ने एक किसान का उदाहरण लेकर यह समझाया है कि एक किसान जोकि अफ्रीका में रहता था, वह अपने जीवन से काफी संतुष्ट था। लेकिन एक बार एक बुद्धिमान व्यक्ति ने उस किसान को हीरे की महत्ता बताई। कि यदि उसके पास हीरे की अंगूठी होगी। तो वह शहर का मालिक बन जायेगा। और कई सारे हीरे होंगे तो वह एक पूरे देश पर राज कर सकता है। जिसके चलते वह किसान काफी परेशान रहने लगा। और हीरे की खोज में इधर उधर भटकता रहा। हीरे के लालच में उसके पास जो भी जमीन और पैसा था उसने वह सब बेच दिया। और वह आर्थिक रूप से कमजोर हो गया। इतना ही एक दिन हताश होकर उसने आत्महत्या कर ली। और जिस दूसरे व्यक्ति को उसने खेत बेचा था, उसे उस खेत में एक चमकदार पत्थर मिला। और जब उस बुद्धिमान व्यक्ति ने उस नए मालिक से पुराने के विषय में पूछा। तो उसने बताया उसने यह खेत खरीद लिया है। तब जाकर उस बुद्धिमान व्यक्ति ने खेत का सही विश्लेषण कर नए किसान को बताया कि यह खेत हीरों के एकड़ से भरा पड़ा है।

जिसके माध्यम से लेखक ने यह समझाने की कोशिश की है कि प्रकृति सबको अवसर देती है। बस अवसर की तलाश करनी आनी चाहिए। इसके अलावा लेखक ने पुस्तक में व्यक्ति के दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों वातावरण, अनुभव और शिक्षा पर भी विस्तार से चर्चा की है। इस प्रकार लेखक ने जीवन में सफल होने के लिए जिम्मेदार कारकों के बारे में पूर्ण रूप से व्याख्या की है।

यू केन विन किताब की महत्वपूर्ण बातें

  • मुझे भरोसा है कि जीत हासिल करने वाले लोगों के मन में भी टालमटोली का ख्याल जरूर आता होगा, लेकिन खुशी इस बात की है। उन्होंने कभी इसे खुद पर हावी नहीं होने दिया होगा।
  • खुद को बेहतर बनाने में इतना वक़्त लग जाए कि दूसरों की आलोचना करने का वक़्त ही ना मिले।
  • जब मैं किसी काम से थक जाया करता था और रुक जाता था। तो मैं यह जानने की कोशिश करता था कि मेरा प्रतिद्वंदी क्या कर रहा होगा। और मैं जब सोचता था कि वह तो कड़ी मेहनत कर रहा होगा, तो मैं भी पुरुषार्थ में लग जाया करता था। और जब सोचता था कि वह आराम कर रहा होगा, मैं तब और कड़ी मेहनत करने लगता था।
  • जब हम अपनी हदों और सीमाओं को नहीं जानते, तो हम बड़े और ऊंचे काम करके खुद को आश्चर्य में डाल लेते थे। अब पीछे मुड़कर देखते है तो हैरानी होती है, कि मेरी  कोई सीमा नहीं थी। इसलिए खुद को कभी किसी बंधन में नहीं बांधना चाहिए। 
  • अगर आप खुद के मान सम्मान को अधिक महत्व देते हैं, तो आपको गुणवान लोगों की संगति में रहना चाहिए। और यदि खराब लोगों की संगति हो, तो उससे अच्छा होगा आप अकेले रहें।
  • कुछ लोग बार बार यह दलीलें देते हैं कि मैं जब चाहूं इन बुराईयों को छोड़ सकता हूं, पर वे यह बात महसूस नहीं कर पाते हैं कि इच्छा शक्ति के मुकाबले बुरे असर ज्यादा प्रभावी होते हैं।
  • कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए। अगर कोई कहता कुछ है और करता कुछ है। तो आप कैसे उसका यकीन करेंगे। 
  • अगर लोगों को यह मालूम चल जाए कि इस सफलता को प्राप्त करने में मुझे कितना श्रम करना पड़ा है, तो उन्हें मेरा कर्म कभी भी आश्चर्यजनक नहीं लगेगा।
  • बहस एक ऐसी चीज है जिसे जीता नहीं जा सकता, और अगर हम जीतते है तो भी हारेंगे और अगर हारते है तो भी हारेंगे।
  • दुनिया की सबसे अच्छी और सबसे सुन्दर चीज़ों को न तो देखा है और न ही छुआ ही जा सकता है, उन्हें दिल से महसूस किया जाना चाहिए।

इस प्रकार हम उम्मीद करते है कि इस किताब को पढ़ने के बाद आपके दिमाग में अवश्य ही सकारात्मक विचार आएंगे और यह किताब आपके जीवन में एक सच्ची मार्गदर्शक बनकर उभरेगी। और साथ ही इसे पढ़ने के बाद आप खुद से हमेशा यही कहेंगे कि आई केन विन।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर रही हूं। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page.