सोचो और अमीर बनो किताब का सारांश – “Think and Grow Rich in Hindi” Book Summary

Think and grow rich in Hindi

विचार किसी भी व्यक्ति का दर्पण होते हैं। इन्हीं के वशीभूत होकर व्यक्ति अपने जीवन को उन्नति के पथ पर अग्रसरित करता है, दूसरी ओर उद्देश्यहीन विचारों के प्रवाह से वह अपने जीवन को गर्त में भी ढकेल सकता है। इतना ही नहीं विचारों के माध्यम से ही देश और दुनिया के कई महान् लोगों ने दौलत और नाम अर्जित किया है।

कुछ इसी तरह के सकारात्मक उपायों की चर्चा करती अमेरिकन लेखक नेपोलियन हिल की एक किताब- जिसका शीर्षक है “सोचो और अमीर बनो” (Think and grow rich in Hindi)। जिसमें लेखक ने यह बताया है कि कोई भी व्यक्ति अमीर बन सकता है, बस उसके लिए आवश्यकता है आत्मसुधार की।


अमेरिकन लेखक नेपोलियन हिल के बारे में

Think and Grow Rich in Hindi
Naploen Hill – Think and Grow Rich in Hindi

किसी भी किताब को पढ़ने से पहले उसके लेखक के बारे में जानना जरूरी है। इससे आपको लेखक की मनोदशा के बारे में ज्ञात हो जाता है। सोचो और अमीर बनो किताब के लेखक नेपोलियन हिल दुनिया के जाने माने लेखकों में से एक है, इनका जन्म 26 अक्टूबर 1883 को पाउंड वर्जिनिया में हुआ था। नेपोलियन हिल ने एक लेखक के तौर पर व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता आदि विषयों पर किताबें लिखी है।

इनकी किताब सोचो और अमीर बनो, जिसका लेखन इन्होंने साल 1937 में किया था। लेखक ने इसमें इस बात पर जोर दिया है कि कोई भी व्यक्ति कैसे जीवन में अपने विचारों और आत्मसुधार के दम पर अमीर बन सकता है और किसी भी मोड़ पर सफलता पा सकता है। जिसके चलते नेपोलियन हिल की इस किताब की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6 करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इतना ही नहीं यह किताब दुनिया की सेल्फ मोटिवेशन किताबों की सूची में एक अलग ही स्थान ही रखती है।


सोचो और अमीर बनो किताब का सारांश

एक बार की बात है कि नेपोलियन हिल को उनके एक मित्र एंड्रयू कार्नेजी ने अमीर लोगों का एक राज बताया। कि कैसे कोई भी व्यक्ति किसी भी नौकरी और व्यवसाय के माध्यम से अमीर बन सकता है। अपने मित्र की यह बात सुनकर लेखक काफी प्रभावित हुए। और लगभग 20 साल तक वह इसी उपाय की तलाश में खोजबीन करते रहे।

और जब उन्हें अपने इस प्रश्न का उत्तर मिल गया कि कैसे किसी भी पेशे में सफलता कैसे अर्जित की जाए, तो उन्होंने उसे दुनिया के साथ साझा करने की सोची। और अपनी किताब सोचो और अमीर बनो में उन्होंने यह रहस्य लोगों को पढ़ाया। जिसमें उन्होंने कुल 13 तरीकों के माध्यम से लोगों को अमीर बनने की प्रक्रिया समझाई है।


सोचो और अमीर बनो किताब के महत्वपूर्ण बिंदु

इच्छा (Desire) – कहते है यदि किसी चीज को पूरे दिल से पाना चाहो तो प्रकृति स्वयं उसे आप तक पहुंचाने का प्रयास करती है। ऐसे में यदि आप लगातार किसी चीज़ को पाने के बारे में सोचते हैं, तो उसको लेकर आपके रास्ते खुद बा खुद बनने लग जाते हैं इस प्रकार अमीर बनने के लिए सबसे पहले प्रबल इच्छा का होना आवश्यक है।

आस्था (Faith) – व्यक्ति जिस चीज पर भी विश्वास करने लगता है, उससे उसके दिमाग में सकारात्मक ख्याल आने लग जाते हैं। और फिर विश्वास के दम पर वह जिंदगी की सारी कठिनाईयों से पार पा लेता है। इतना ही नहीं जब उसे विश्वास होने लगता है, तब उसके आस पास का माहौल भी बदलने लगता है और वह सही दिशा में आगे बढ़ जाता है। इस प्रकार विश्वास के चलते ही व्यक्ति जीवन में नाम और शोहरत हासिल कर सकता है।

आत्म सुझाव (Auto suggestion) – हमारा दिमाग जब भी खाली रहता है, तब उसमें बेकार के विचार घर कर लेते हैं, इसलिए हमें समय-समय पर अच्छे विचारों को ग्रहण करते रहना चाहिए। इस प्रकार जीवन में सफल होने के लिए खुद को अच्छे विचारों के संपर्क में रखना आवश्यक है।

विशिष्ट ज्ञान (specialised knowledge) – यदि आप हर चीज के बारे थोड़ा थोड़ा ज्ञान रखते हैं, तो आप आॅल राउंडर कहला सकते हैं। लेकिन यदि आप अपने विषय में खास पकड़ रखते हैं। तो आप जीवन में जल्दी सफल होते है। इसके लिए उन्होंने अपनी किताब में फोर्ड के संस्थापक हेनरी फोर्ड का जिक्र किया है।

कल्पनाशक्ति (Imagination) – अपने जीवन में सफल लोग कई तरह के नए विचारों को अपनाकर ही वहां तक पहुंचे हैं। इसके लिए जरूरत है, नए और अलग तरह से विचार विमर्श करने की। जिनके माध्यम से आप खुद को काबिल बना सकते हैं। किताब में लेखक ने कोको कोला कंपनी की स्थापना से लेकर उसकी प्रसिद्धि आदि के उदाहरण के माध्यम से विचारों की उपयोगिता को समझाया है।

योजना (planning) – चाहे कोई भी कार्य हो उसमें सफल होने के लिए चरणबद्ध तरीके से योजना बनानी जरूरी है। क्यूंकि इससे आपको यह समझने में आसानी रहती है कि अब आप मंजिल से कितनी दूर हैं। इसलिए अमीर बनने के लिए पूर्ण रूप से तैयारी करना जरूरी है।

निर्णय (Decision) – मशहूर उद्यमी रतन टाटा की मानें तो वह पहले कोई निर्णय लेते है उसके बाद उसे सफल करने के प्रयास में लग जाते हैं। ठीक उसी प्रकार एक सही निर्णय आपको जिंदगी में सफलता की ओर अग्रसर करता है। इस प्रकार निर्णय लेने की क्षमता एक प्रकार से सफल जीवन की निशानी है।

निरंतर प्रयास (persistence) – कछुए और खरगोश की कहानी तो आप लोगों ने सुनी ही होगी। जिसमें कछुआ धीरे धीरे कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ता है, और फिर एकाएक अपनी मंज़िल तक बढ़ जाता है। रास्ते में वह कहीं रुकता नहीं है। इसलिए निरंतर गतिशील रहना भी अमीर बनने की एक प्रक्रिया है। इसके लिए चाहे आपको अपनी मंज़िल मिलने मैं कितना ही वक़्त क्यों ना लग जाए, आपको निरंतर चलते रहना है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह एक उपयोगी फॉर्मूला है।

ज्ञानवर्धक लोगों का समूह (power of mastermind) – कहते है समूह की ताकत के आगे अच्छी खासी शक्तियां निष्क्रिय हो जाया करती हैं। तो वहीं ज्ञानवर्धक लोगों के बीच रहकर हम अपने ज्ञान को बढ़ा सकते है, और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए कोशिश करें आपके आस पास हमेशा ऐसे लोग मौजूद रहे जिनसे आपको हर रोज नए ज्ञान की प्राप्ति हो सके।

शक्ति (power) – उपयुक्त तरीके से लेखक का अभिप्राय मानव की प्रकृति प्रदत्त शक्तियों से हैं। जिसके माध्यम से व्यक्ति किसी भी कार्य में सफलता पा सकता है। और यदि कोई व्यक्ति अपनी असीम ऊर्जा को किसी एक ही कार्य में लगाता है, तो उसका परिणाम भी किसी जीत से कम नहीं होता है।

मन पर नियंत्रण (Subconscious Mind) – कहते है यदि व्यक्ति अपने विचलित मन पर काबू पा ले तो वह कभी असफल नहीं होता। और बेकाबू मन को स्थिर कर व्यक्ति का मन हमेशा सकारात्मक विचारों की ओर चला जाता है। और अनियंत्रित मन पर नियंत्रण कर व्यक्ति अपने जीवन की समस्त गतिविधियों पर विजय हासिल कर लेता है।

मस्तिष्क (The Brain) – मानव के संपूर्ण शरीर में मस्तिष्क ही ऐसा अंग है। जो मानव शरीर की समस्त गतिविधियों को नियंत्रित करता है। ऐसे में स्वस्थ दिमाग का होना सफल जीवन के लिए आवश्यक है। और इसी मस्तिष्क में अच्छे विचारों का आगमन होता है, इसलिए इसके स्वस्थ होने पर ही व्यक्ति जीवन में सफलता अर्जित कर सकता है।

छठवीं इंद्रिय (Sixth sense) – यदि आप बताए गए 12 चरणबद्ध तरीकों को भली भांति समझ गए हैं, तो अब आप सफलता के बहुत करीब पहुंच गए हैं। ऐसे में यदि हम अपनी छठवीं इंद्रिय की क्षमता को पहचान लेते हैं, तो जीवन में सफलता और अमीर बनने के सारे मार्ग खुल जाते हैं। क्यूंकि इसी के माध्यम से हम आने वाली चुनौतियां के प्रति आगाह हो जाते हैं, और कोई भी कदम उठाने से पहले सोच विचार कर निर्णय लेते है। ऐसे में अमीर बनने के लिए छठवीं इंद्रिय को पहचान लेना आवश्यक है।

ऐसे में इस पुस्तक के माध्यम से आप सिर्फ यही नहीं जानेंगे कि कैसे अमीर बना जाए, बल्कि जीवन में वास्तविक सफलता क्या होती है। यह किताब आपका परिचय उस हकीकत से कराएगी, जहां से आप अपने जीवन में सफलता के मार्ग पर खुद को स्थापित कर सकते हैं।


नेपोलियन हिल की किताब से जुड़े विशेष कथन

  • दुनिया को वैसे लोगों के लिए खास जगह बनाने की आदत है, जिनके कर्म यह दर्शाते हैं कि वो किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
  • महान उपलब्धियां महान बलिदानों से उपजती है, और कभी भी स्वार्थ का परिणाम नहीं होती हैं।
  • शिक्षा स्वयं के अंदर से आती है, आप इसे लगातार संघर्ष, प्रयासों और विचारों से अर्जित कर पाते हैं।
  • धैर्य, दृढ़ता और कड़ी मेहनत जीवन में सफलता के लिए एक अपराजित समीकरण का निर्माण करते हैं।
  • हर विपत्ति, हर असफलता और हर मनोव्यथा अपने साथ उतनी ही महान् उपलब्धियों की एक नई शुरुआत लेकर आती है।

इस प्रकार नेपोलियन हिल की इस किताब [think and grow rich in hindi] को पढ़कर काफी लोगों ने अपने जीवन को समृद्ध और खुशहाल बनाया है। और यह सिलसिला अभी तक जारी है। और यदि आपको भी जीवन में अपने सपनों को साकार करना है,तो आपको यह किताब पढ़नी चाहिए।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर कर रही हूं। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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