About lotus in Hindi – कमल पर निबंध

Essay on Lotus in Hindi

कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है। ऐसे में आज हम कमल के फूल के बारे में जानेंगे। जिससे परीक्षा के दौरान कमल के बारे में पूछे जाने पर बच्चे कमल पर निबंध, about lotus in hindi, 10 lines on lotus in hindi और हिंदू धर्म में इसके महत्व के बारे में लिख सकें।


About lotus in Hindi

कमल का फूल बहुत सुंदर होता है। यह कीचड़, तालाब और नहर में खिलता है। कमल लाल, सफेद, नीला, बैंगनी और गुलाबी रंग का होता है। यह एक भारतीय फूल है। जोकि सदैव पानी की सतह के ऊपर दिखाई पड़ता है। इसकी पंखुड़ियां बहुत कोमल होती हैं। जिनकी संख्या लगभग 30 होती है।

कमल के फूल का इस्तेमाल अधिकतर पूजा पाठ और सजावट के दौरान किया जाता है। यह सुबह के समय खिलता है और शाम को मुरझा जाता है। कमल का फूल केवल तीन दिन को ही खिलता है। यह कभी जाड़ों के मौसम में नहीं उगता है।

इसके पत्ते चिकने और गोल आकार के होते हैं। जिनपर पानी की बूंद भी नहीं रुक पाती है। कमल का तना काफी मोटा और लंबा होता है। इसके बीज, पत्ते, डंठल और तना आदि कई भाग होते हैं। कमल के बीज भूरे रंग के होते हैं। जोकि कई हजार वर्षों तक जीवित रह सकते हैं। यह फूल काफी कम पानी में भी उग जाता है।

देश में काफी जगहों पर कमल के पत्ते खाने की प्लेट के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं। इसकी जड़ें काफी छोटी और रेशेदार होती हैं। कमल मुख्य रूप से भारत, जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम आदि देशों में पाया जाता है।

इसको अंग्रेजी में इंडियन लोटस भी कहा जाता है। कमल के फूल का प्रयोग दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है। इसलिए इसे जलीय जड़ी बूटी वाला पौधा कहा जाता है। इसे खिलने के लिए सूर्य की रोशनी की जरूरत पड़ती है।

साथ ही देश में कई लोग कमल के फूल की खेती भी किया करते हैं। इसके पौधे की लंबाई 150 सेमी होती है। कमल के फूल का व्यास 1-3 मीटर तक होता है। इसकी जड़ को कुछ लोग सब्जी के तौर पर भी प्रयोग करते हैं। इसे तैरने वाला पौधा भी कहा जाता है। इस प्रकार, कमल का फूल धन, सुंदरता, शांति, पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है। जिसे भारतीय संस्कृति की धरोहर भी कहा जाता है। 


कमल के फूल का महत्व (Benefits of Lotus in Hindi)

कमल का फूल ना केवल सुंदर होता है। बल्कि इसके कई उपयोगी महत्व भी मौजूद हैं। कमल के फूल को आप एकऔषधि के तौर पर प्रयोग में ला सकते हैं। इसका प्रयोग सफेद बालों की समस्या को कम करने के लिए किया जाता है।

साथ ही कमल के फूल को तिल और आंवले के साथ पीसकर लगाने से बालों की रूसी भी कम हो जाती है। कमल के चूर्ण को लगाने से सिर दर्द में भी काफी आराम मिलता है। साथ ही आंखों की बीमारी, दांतों के रोग, खांसी, जलन, बुखार इत्यादि में भी कमल के फूल से निर्मित औषधि किसी चमत्कार से कम नहीं है।

यह फूल पेचिश, खूनी बाबासीर, त्वचा रोग, गुदभ्रश, हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में सहायक है।


हिंदू धर्म में कमल का महत्व (Lotus in Hinduism)

हिंदू धर्म में कमल के फूल को धन की देवी लक्ष्मी का आसान माना जाता है। इसके अलावा कमल के फूल पर भगवान ब्रह्मा जी भी विराजमान होते हैं। हिंदू धर्म में कमल के फूल को पूजा पाठ के दौरान उपयोग में लाया जाता है। इसे समस्त बुराइयों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।

कमल के फूल का संबंध नौ ग्रहों से भी है। और जो लोग एकादशी के दिन भगवान विष्णु को कमल का फूल अर्पित करते हैं, उनको संतान का सुख प्राप्त होता है। इसे हिंदू धर्म में पुष्पराज की संज्ञा दी गई है। दिवाली के त्योहार पर कमल के फूल को गणेश लक्ष्मी पूजन के दौरान पूजा में शामिल किया जाता है।

इसके साथ ही अनेक धार्मिक अनुष्ठानों में भी कमल के फूल को पूजा जाता है। माना जाता है कि जो लोग देवी लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाते हैं, उनके घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती है। साथ ही भगवान बुद्ध को भी कमल काफी पसंद है। यही कारण है कि उनके चित्र के आस पास सदैव कमल विराजित होता है। इस प्रकार, कमल के फूल का धार्मिक महत्व भी मौजूद है।


10 lines about lotus in Hindi

  1. गुलाबी कमल को 26 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रीय पुष्प का दर्जा दिया गया था।

  2. यह वियतनाम का भी राष्ट्रीय फूल है। इसके अलावा ईसाई और हिंदू धर्म के लोग भी कमल के फूल को काफी पवित्र मानते हैं।

  3. कमल का वैज्ञानिक नाम नेलमबो न्यूसीफेरा है।

  4. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, कमल की उत्पत्ति भगवान विष्णु की नाभि से हुई है।

  5. मिस्त्र में ऐसा माना जाता है कि कमल ने ही सूर्य को जन्म दिया है।

  6. कमल का फूल कीचड़ में खिलने के बावजूद भी शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

  7. इसके पत्तों की डंडी से निकले रेशे का प्रयोग मंदिर में आरती के दौरान बत्ती बनाने के लिए किया जाता है। 

  8. इसे फूलों का राजा भी कहा जाता है। क्योंकि यह एक प्रकार का आजीवन और अलुप्त फूल है।

  9. सफेद कमल को ब्रह्म कमल कहा जाता है। जोकि मुख्य तौर पर हिमालय की पहाड़ियों में पाया जाता है।

  10. कमल का फूल हमें कीचड़ यानि बुरे समय में रहकर भी खिलना यानि जीने की शिक्षा देता है। जिसपर कहावत भी है कि कमल कीचड़ में ही खिलता है।

इस प्रकार, आज हमने कमल के बारे में जाना। उम्मीद है आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य कई निबंध पढ़ने के लिए हमारे आर्टिकल – निबंध लेखन को चैक करें।


अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

Leave a Comment

You cannot copy content of this page.