हिंदी दिवस पर भाषण | Speech on Hindi Diwas

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हिंदी, भारतवर्ष की सबसे प्रमुख भाषा है। भारत दुनिया में सबसे विविध संस्कृतियों वाला देश है। धर्म, परंपराओं, और भाषा में इसकी विविधता के साथ-साथ यहां के लोग एकता में विश्वास रखते हैं।

भारत में अनेक प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं लेकिन सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। पूरी दुनिया में हिंदी चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। भारत देश में हिंदी भाषा को वर्ष 1949 में सर्वोच्च दर्जा प्राप्त हुआ और तब से ही हिंदी को हमारी राष्ट्रभाषा माना जाता है।

प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस का उत्सव हमे हमे ये याद दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि हिंदी पूरे विश्व की सबसे अधिक पुरानी भाषाओं में से एक है। हमें अपनी मातृभाषा में बात करने में गर्व की अनुभूति करनी चाहिए। 

हिंदी दिवस पर भाषण

मेरे माननीय प्रधानाचार्य, मेरे आदरणीय शिक्षकों और मेरे प्यारे दोस्तों को सुप्रभात।

मैं (आपका नाम) हूं, और आज मैं हिंदी दिवस पर भाषण देने जा रहा हूं।

मित्रों जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम सब यहां पर हिंदी दिवस के उपलक्ष में उपस्थित हुए हैं। राष्ट्रीय हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। हमारा भारत देश अनेकता में एकता वाला देश है।

अपने विविध धर्म, संस्कृति, भाषाओं, और परंपराओं के साथ यहां के लोग सद्भाव, एकता, और सौहार्द के साथ रहते हैं। हमारे भारत देश में विभिन्न प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं। उनमें से हिंदी सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली और बोली जाने वाली भाषा है।

वर्ष 2001 में एक रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 26 करोड़ नागरिक हिंदी में बात करते हैं। हिंदी भाषा को 14 सितंबर सन 1949 में भारत की राष्ट्रीय भाषा के रूप में अपनाया गया था। तब से हिंदी भाषा को एक उच्चतम दर्जा प्राप्त हुआ और इसी के उपलक्ष में हम सभी हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाते हैं।

हिंदी भाषा एक इंडो-आर्यन भाषा है। जिसे देवनागरी लिपि में भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में लिखा गया है। राजेंद्र सिंह, हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, एवं सेठ गोविंद दास गोविंद जैसे महान लोगों ने हिंदी भाषा को भारत की आधिकारिक भाषा बनाने के पक्ष में कड़ी पैरवी की थी।

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भारतीय संविधान के आधार पर अनुच्छेद 343 की माने तो हिंदी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था। हमारी मातृभाषा हिंदी और देश के प्रति सम्मान दिखाने के लिए इस हिंदी दिवस का आयोजन किया जाता है।

हिंदी दिवस पूरे देश में बहुत ही उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है। सभी शिक्षण संस्थानों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक सभी हमारी राष्ट्रभाषा को सम्मान देते हैं। इतिहासकारों का मानना है कि हिंदी भाषा विद्वानों द्वारा अपनी महान साहित्य कृतियों में प्रयोग की जाने वाली एक प्रमुख भाषा रही है।

श्री रामचरितमानस एक साहित्यिक कृति है जो कि हिंदी में भगवान राम की कहानी एवं लीलाओं का उल्लेख करती है। ये गोस्वामी तुलसीदास जी की सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है, जिसे 16वीं शताब्दी में लिखा गया था।हिंदी भाषा सबसे आदिम भाषाओं में से एक है जो मूल रूप से संस्कृत भाषा से संबंधित है।

पुराने समय से हिंदी एक भाषा के रूप में विकसित होकर हमारी राष्ट्रभाषा बन गई है।

वर्ष 1917 में महात्मा गांधी ने भरूच में गुजरात शिक्षा सम्मेलन में प्रस्तुत एक भाषण में हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जोर देकर कहा था कि हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए और अर्थव्यवस्था, धर्म, एवं राजनीति के लिए संचार के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

हमारे ही समाज में बहुत से ऐसे भी लोग हैं जिन्हें अभी तक पता ही नहीं है कि हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है। आपको बता दें कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सर्वप्रथम 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का फैसला लिया था।

हिंदी दिवस के उपलक्ष में प्रत्येक वर्ष भारत के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में हिंदी साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। जिसमें सभी छात्र छात्राएं बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

यहां छात्र हिंदी में विभिन्न कविताओं का पाठ करते हैं और हिंदी निबंध पढ़कर हिंदी भाषा को गर्वान्वित करते हैं। हिंदी दिवस के अवसर पर सभी प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं और हिंदी में कहानियां पढ़ते हैं।

हमारे लिए ये बहुत ही सम्मान की बात है कि हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों में लोकप्रियता हासिल कर रही है। आज के वर्तमान समय में लोग पश्चिमी सभ्यता से काफी प्रभावित हुए हैं। हिंदी भाषा का महत्व धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है।

हिंदी दिवस लोगों को उनकी जड़ों से जोड़े रखने का एक माध्यम है और साथ ही ये प्रत्येक व्यक्ति को उनकी मूल संस्कृति की याद दिलाता है। बता दें कि ऐसे कई भारतीय हैं जो आज भी भारतीय संस्कृति को संभाले रखने में गर्व महसूस करते हैं। 

हिंदी शब्द की उत्पत्ति फारसी से हुई है। हिंदी भाषा दुनिया भर में लगभग अस्सी करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी भाषा नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, युगांडा, न्यूजीलैंड, मॉरीशस, और दक्षिण अफ्रीका सहित अनेक देशों में बोली जाती है।

आधुनिक देवनागरी लिपि 11वीं शताब्दी में अस्तित्व में आई। आपको बता दें कि बिहार भारत का पहला राज्य है जिसने हिंदी भाषा को अपनाया। वर्ष 1881 में बिहार राज्य ने उर्दू को हिंदी के साथ अपनी एकमात्र आधिकारिक राज्य भाषा के रूप में बदल दिया।

इस प्रकार बिहार हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने वाला भारत का प्रथम राज्य बन गया।

निबंध लेखन – Nibandh Lekhan

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