क्या वास्तव में दूर बैठे व्यक्ति को कर सकेंगे स्पर्श, जानिए कैसे Metaverse के आने के बाद बदल जाएगी दुनिया

Metaverse

(Metaverse) ‘meta’ यह शब्द चर्चा में तब आया, जब मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने फेसबुक (Facebook) का नाम बदलकर मेटा (Meta) कर दिया था।

लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसके बारे में यदि आपको नहीं मालूम है,

तो हम आपको इसके पीछे का कारण बताएंगे।

परंतु हमारा आज का यह लेख केवल इसी पर समाप्त नहीं हो जाता है।

आज हम आपका परिचय एक ऐसी दुनिया से कराने जा रहे हैं,

जहां आप उन लोगों से भी मिल पाएंगे, जो इस दुनिया में मौजूद नहीं है।

यहां हम आपसे किसी दूसरे लोक या परलोक की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस दुनिया की ही बात कर रहे हैं।

जहां आप निकट भविष्य में ऐसी तकनीक से जुड़ने वाले हैं, जो दूर बैठे या दूर चले गए लोगों को आपके आसपास होने की अनुभूति करवा सकती है।

हालांकि इंटरनेट क्रांति के इस दौर में आधुनिक तकनीक इतनी उन्नतशील तो हो चुकी है कि हम दूर बैठे अपने लोगों से संपर्क साध सकते हैं

या घर बैठे-बैठे ही बाहर किसी जगह का आनंद ले सकते हैं।

लेकिन दूर बैठे उन्हें छूना या स्पर्श करना अभी भी केवल 3D फिल्मों में ही दिखाया जा सका हैं, लेकिन असल में यह संभव नहीं हो पाया है।

ऐसे में निकट भविष्य में जिस तकनीक से यह सम्भव हो सकता है,

उसे ही Metaverse का नाम दिया गया है।

जोकि आधुनिक Internet का एक ऐसा updated version माना जा रहा है,

जहां आप Real life के लोगों से ना केवल Virtually जुड़ सकते हैं, बल्कि उन्हें स्पर्श भी कर सकते हैं। 

कहने का तात्पर्य हैं कि जिस तरह से आज की इस डिजिटल दुनिया में आप दूर बैठे अपने किसी खास व्यक्ति से सोशल मीडिया, फोन, वीडियो कॉल्स के जरिए जुड़े रहते हैं,

लेकिन उन्हें छू नहीं सकते। ठीक इसी प्रकार से, आज आप ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान चीजें पसंद करके खरीद तो सकते हैं, लेकिन उन्हें स्पर्श नहीं कर सकते हैं।

हां… डिजिटल क्रांति के इस दौर में यह संभव हो पाया है कि हम बिना रुपयों को छुए एक दूसरे को ऑनलाइन माध्यमों से हस्तांतरित कर सकते हैं,

इतना ही नहीं क्रिप्टो (Crypto) यानि डिजिटल मुद्रा भी चलन में है,

जो आपको दिखाई तो नहीं देती है, लेकिन आपके द्वारा लेनदेन के तौर पर इस्तेमाल की जाती है।

लेकिन Metaverse के बाद ना केवल virtual चीजों से जुड़ना आसान हो जाएगा, बल्कि उन्हें आप करीब से अनुभव भी कर सकेंगे।


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ऐसे में आने वाले कुछ समय में डिजिटल दुनिया इतनी बदल जाएगी कि आप virtually भी चीजों या लोगों को अपने आसपास महसूस या स्पर्श कर सकते हैं।

जिसे ही Metaverse  कहा गया है।

Metaverse क्या है?


Metaverse शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों Meta और verse से मिलकर हुई है।

जिससे तात्पर्य एक ऐसी दुनिया से है जिसकी कल्पना करना अभी आपकी सोच से परे है।

हालांकि Metaverse का term नया नहीं है, इसकी खोज या कहें जिक्र वर्ष 1992 में Neal Stephenson ने अपने एक नॉवेल Snow Crush में की थी।

जिसमें उन्होंने बताया था कि भविष्य में एक ऐसी तकनीक विकसित होगी,

जोकि Real और Virtual के बीच के अंतर को समाप्त कर देगी।

इस बात को एक उदाहरण के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं। जैसे, आधुनिक समय में बच्चों के बीच Free fire गेम काफी चलन में है।

जिसमें यूजर अपनी Real Life में रहते हुए एक Virtual identity बनाता है और virtually ही अपने दोस्तों यानि virtual enemies से फाइट करके गेम के लेवल में आगे बढ़ता है।

इसी तरह के कई ऑनलाइन गेम्स में आप Real Life में रहते हुए Virtual एक दूसरे से कनेक्ट होते हैं और Virtual World में होने का एहसास करते हैं।

ठीक इसी तरह से, Metaverse भी आपको Real Life में रहते हुए Virtual World से जोड़ेगा,

जोकि काल्पनिक ना होकर आपको पूर्णतया वास्तविक लगेगा।

Metaverse बनेगा डिजिटल दुनिया का भविष्य


Metaverse को लेकर सबसे अधिक जागरूक वर्तमान में गेमिंग इंडस्ट्री देखने को मिल रही है। जोकि Virtual characters के आधार पर ही gaming ideology तैयार कर रही हैं। 

जिसके अनुसार, वह Real life के gaming users को virtual game में वास्तविक अनुभव कराने के लिए Virtual identity बना रही हैं,

जिससे कनेक्ट होने के बाद यूजर को ऐसा लगता है कि कोई virtual identity नहीं बल्कि वह खुद ही गेम के अंदर मौजूद हैं,

यही कारण है कि आजकल बच्चे online games खेलने में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं।

Metaverse तकनीक के विकसित होने के बाद आप किसी भी व्यक्ति की Virtual identity बना पाएंगे और ऐसा अनुभव कर पाएंगे कि वह व्यक्ति आपके साथ मौजूद है।

इसे Avtar तकनीक से जोड़कर भी देखा जा सकता है। जिसका मतलब होता है असली लोगों के प्रतीकात्मक (Virtual) रूप।

यानि जो लोग आपसे दूर है या आपके साथ अब नहीं है,

आप Metaverse तकनीक से जुड़कर उन लोगों की Virtual identity बनाकर उन्हें वास्तविक जीवन में अनुभव कर सकते हैं।

इसके आने के बाद आप उन चीजों को और करीब से देख पाएंगे, जिन्हें आप अभी भी दूर से देखते या अनुभव कर पाते हैं।

जैसे, आज ऑनलाइन मीटिंग के दौरान employees एक दूसरे से जुड़ते हैं,

लेकिन फिजिकल तौर पर उनके बीच काफी दूरी होती है।

ठीक इसी तरह से, आप ऑनलाइन कुछ भी देखते हो या खरीदते हो, तो Metaverse के आने के बाद आप ऑनलाइन किसी भी वस्तु,

जगह या व्यक्ति को छूकर अनुभव कर सकते हैं, जिसके बाद आप ना केवल virtually बल्कि physically भी एक दूसरे से जुड़ाव महसूस कर सकेंगे।

हालांकि अभी तक Metaverse का concept हमें साइंस फिक्शन से जुड़ी फिल्मों,

गेम्स आदि में ही देखने को मिला है, लेकिन आने वाला समय Metaverse का है, इसमें कोई दो राय नहीं है।

साथ ही जैसे-जैसे तकनीक विकसित होती है, उसमें कुछ नया अवश्य जुड़ता है,

तो आने वाले समय में Metaverse लोगों की जिंदगी में उसी तरह से आम हो जाएगा, जैसे आज के समय में इंटरनेट। 

Metaverse के फायदे और नुकसान


जिस तरह से आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक एक तरफ से हमें लाभ पहुंचा रही है तो उसके कई नुकसान भी होते हैं।

ठीक इसी तरह से, यदि Metaverse के फायदे हैं तो नुकसान भी हैं।

जिसमें पहले हम इससे होने वाले फायदों के बारे में बात करेंगे।

जैसे, Metaverse के बाद मानव समय की और बचत हो सकेगी।

साथ ही आप जिन लोगों, जगहों या चीजों से अत्यधिक दूर हैं, Metaverse के बाद वह आपको अपने निकट लगने लगेंगी।

आप घर बैठे ही दुनिया भर की जगहों की physical तौर पर सैर कर सकेंगे।

आप किसी भी ऑनलाइन चीज या व्यक्ति को छूकर उसको अपने पास होने का अनुभव कर सकेंगे।

जबकि Metaverse से होने वाले नुकसान में, सबसे पहले बात करेंगे privacy और data  sharing की।

जोकि अभी इतना संगीन मुद्दा है तो आगे भी इसके होने के शत प्रतिशत संभावना है।

क्योंकि आगे हम Real World में रहते हुए केवल लोगों से Virtually ही नहीं बल्कि Physically भी जुड़ जाएंगे। इस दौरान यूजर के data और privacy में सेंध लग सकती है। 

इतना ही नहीं, जब हम डिजिटल दुनिया से वर्चुअल दुनिया में प्रवेश करेंगे, तो डिजिटल और रियल दुनिया भी कहीं ना कहीं लुप्त हो जाएगी। 

दूसरा, ये तकनीक काफी महंगी और आम जन तक पहुंचने में काफी वक्त लगाएगी।

इसकी पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक लाने में देश दुनिया को अधिक विकसित होने की आवश्यकता है।

साथ ही हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, टेलीकॉम आदि समस्त क्षेत्रों के हस्तक्षेप के बाद ही Metaverse का अस्तित्व पूरी दुनिया के सामने आ सकेगा।

Metaverse को आने में कितना वक्त लगेगा? 


वर्तमान में अधिकतर देश 4G और 5G इंटरनेट नेटवर्क के साथ जुड़े हैं, जिस कारण हम पल भर में ही डिजिटल दुनिया से जुड़ जाते हैं,

लेकिन Metaverse के लिए हमें 6G नेटवर्क की आवश्यकता पड़ेगी,

क्योंकि यहां हम डिजिटल से निकलकर virtual की ओर बढ़ रहे हैं, तो तेज इंटरनेट स्पीड का होना Metaverse की पहली शर्त होगी।

इसी को ध्यान में रखते हुए Google, Microsoft, Fortnite, Roblox Crop, NVIDIA, EPIC games आदि कई वैश्विक कंपनियां Metaverse तकनीक में लाखों करोड़ों का निवेश कर रही हैं।

जिनके मुताबिक Metaverse बदलते समय की जरूरतों के हिसाब से जल्द ही दुनिया के सामने आ जाएगा।

अभी इसे इंटरनेट का वह युग माना जा सकता है, जैसा इंटरनेट 19वीं सदी के दौरान हुआ करता है,

वर्तमान में Metaverse भी उसी स्टेज में है, जोकि जल्द ही लोगों को Digital दुनिया में Virtual Reality का एहसास कराएगा। 

तो इस प्रकार, हमारे आज के इस लेख के माध्यम से हमने आपको Metaverse के बारे में विस्तार से बताया।

उम्मीद करते हैं कि आप इस नई तकनीक के बारे में जानने के बाद अवश्य ही उस काल्पनिक दुनिया में चले गए होंगे, जोकि आने वाले समय में हकीकत बन जाएगी।


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अंशिका जौहरी

मेरा नाम अंशिका जौहरी है और मैंने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया है। मुझे सामाजिक चेतना से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से लिखना और बोलना पसंद है।

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