गणतंत्र दिवस

भूमिका

त्यौहार दो प्रकार के होते हैं – धार्मिक त्यौहार और राष्ट्रीय त्यौहार। धार्मिक त्योहारों को मनाने के पीछे कोई ना कोई धार्मिक कथा जुड़ी होती है और उनको धार्मिक स्तरों पर मनाया जाता है।लेकिन राष्ट्रीय त्याहोरों को राष्ट्रीय स्तरों पर मनाया जाता है। भारत में मनाए जाने वाले मुख्य राष्ट्रीय त्योहार में से एक त्योहार गणतंत्र दिवस है। गणतंत्र दिवस हर वर्ष 26 जनवरी को देश भर में मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस मनाने का कारण

जब 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेज़ों के राज से आज़ाद हुआ तो पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने मिलकर भारत को लोकतंत्र राज्य बनाने का निर्णय लिया। नए आज़ाद हुए इस लोकतंत्र देश को अपने संविधान की आवश्यकता थी क्योंकि आज़ादी से पूर्व भारत का चलन भारत सरकार अधिनियम, 1935 के आधार पर होता आ रहा था। इस कारण वश एक कमेटी बनाई गई जिसके प्रधान डॉक्टर भीम राओ अंबेडकर जी थे। इस कमेटी ने मिल कर लोकतंत्र भारत के लिए संविधान लिखा गया जो 26 जनवरी, 1950 को पूरे भारत पर लागू किया गया, इसी कारण इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में बनाया जाता है। 

26 जनवरी तिथि चुनने का कारण 

देश के नए लिखे संविधान को देश भर में लागू करने के लिए 26 जनवरी, 1950 की तारीख निश्चित की गई, जब की देश 15 अगस्त, 1947 को आज़ाद हो चुका था और संविधान की एक निर्णायक प्रतिलिपि  4 नवंबर, 1947 को संविधान सभा में जमा करवा दी गई थी। इस तिथि के चुनाव के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है। 26 जनवरी, 1929 को अंग्रेज़ों के विरूद्ध लड़ने के लिए भारतीय कांग्रेस ने भारत को एक पूर्व स्वराज देश होने का ऐलान किया था। यही वजह है कि उस तिथि की खास रूप से मनाने के लिए इस दिन गणतंत्र दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। 

राज पथ पर परेड

गणतंत्र दिवस वाले दिन देश भर में राष्ट्रीय रूप से छुट्टी होती है और देश भर में देश-भक्ति की भावना से यह त्योहार मनाया जाता है परन्तु देश की राजधानी दिल्ली में मुख रूप से समारोह आयोजित किया जाता है। दिल्ली में राज-पथ पर खास परेड आयोजित की जाती है जिसमें देश के सभी राज्य अपनी सभ्यता की झलक दिखाते हुए बहुत सुंदर झाकियां प्रस्तुत करते है। देश भर में से स्कूल विद्यार्थी भी देश भक्ति की भावना से इस परेड में हिस्सा लेते हैं। देश के जवान, जल सेना एवं वायु सेना भी बहुत ख़ास प्रदर्शन दिखाते हैं और भारतीय होने पर गर्व की भावना से भरपूर हो कर परेड करते हैं। यह परेड देश भर की सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है। 

इस खास समारोह को देखने के लिए देश के आदरणीय प्रधान मंत्री एवं आदरणीय राष्ट्रपति दोनों साक्षात मौजूद होते हैं। इन रंग बिरंगी खूबसूरत झाकियां वाली परेड को देश भर में टेलीविज़न पर दिखाया जाता है। इस समारोह की शुभ रूप से दीप प्रजवल्लन से आरंभ करने के लिए देश के राष्ट्रपति के साथ कोई महान मुख्य अतिथि भी अवश्य शामिल होते हैं। देश विदेश के महान लोग इस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाते हैं। 

अन्य अनुष्ठान

देश के आदरणीय प्रधान मंत्री इंडिया गैट पर अमर जवान ज्योति प्रजवलित करते हैं जो देश के लिए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक होता है। इसके पश्चात इक्कीस इक्कीस तोपों की सलामी दी जाती है और गर्व से भरपूर देश के राष्ट्रगान का गायन होता है। गणतंत्र दिवस के महान समारोह एवं परेड का आरंभ राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के लहराने के बाद होता है। 

पुरस्कार वितरण

राज पथ पर होने वाली रंगीन परेड के अतिरिक्त और भी प्रथाएं प्रचलित हैं जिसमें से पुरस्कार वितरण प्रमुख है। इस प्रथा के अधीन देश के महान नागरिकों को उनके उतीरन कार्यों के लिए देश के आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। देश के सबसे बड़े पुरस्कार यानी पदम पुरस्कार भी इस दिवस पर ऐलान किए जाते हैं। महान और खास कार्य करने वाले नागरिक को पदम विभूषण दिया जाता है और इससे पद से भी ऊपर के कार्य करने वाले नागरिक को पदम भूषण से सम्मानित किया जाता है। इसके अतिरिक्त तीसरा पुरस्कार पदम श्री के नाम से दिया जाता है। परम वीर चक्र, अशोक चक्र और वीर चक्र पुरस्कारों का भी इसी दिवस पर ऐलान किया जाता है। 

शिक्षण संस्थानों द्वारा खास उत्सव

राज पथ पर होने वाली प्रमुख परेड के अतिरिक्त देश के और भागों में भी प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों द्वारा खास उत्सव का आयोजन किया जाता है। विद्यालयों में भी ध्वज आरोहण और परेड का आयोजन किया जाता है। देश भक्ति से जुड़े कविता रचना, लेख रचना आदि जैसे मुकाबले करवाते जाते हैं। विद्यार्थी खूब उत्साह ओर देश प्रेम की भावना से इन विभिन्न मुक़ाबलों में हिस्सा लेते हैं। स्कूलों के प्रधानाचार्य उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सम्मानित करते हैं और देश भक्ति की भावना और देश के प्रति सम्मान का एहसास करवाते हैं। 

सारांश

देश के मुख्य राष्ट्रीय त्यौहार जैसे गणतंत्र दिवस प्रतेक देशवासी के दिल में देश प्रेम की भावना को पुन प्रज्जवलित कर देता है और देश के लिए निस्वार्थ कार्य करने वाले सेनानियों को बेपनहा सम्मान और प्रेरणा का स्रोत होता है। यह त्यौहार विद्यार्थियों को देश का सम्मान करना सिखाता है और यह आदेश देता है कि हमें देश के लिए कार्य करने का कोई भी अवसर गवाना नहीं चाहिए। जय हिन्द!


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