मेरा भारत महान पर निबंध- Mera Bharat Mahan Essay in Hindi

Mera Bharat Mahan Par Nibandh

भूमिका

प्राचीन काल से ही भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता है। सभ्यता, संस्कृति, हुनर, हमारा देश इन सब चीज़ों में ही सोने से कम नहीं है। भारत दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा देश है और विभिन्न रंगों से भरपूर है जहां के नागरिक गर्व से सिर ऊंचा कर के खुद की पहचान ‘हिन्दुस्तानी‘ बताते हैं। हमारे देश के ध्वज के तीन रंग संतरा, सफ़ेद और हरा निस्वार्थ कुर्बानी, शांति एवम् सुख संपति क्रमश: स्मभोधित करते हैं। 


एकता में अनेकता

कहने को तो भारत में 29 राज्य हैं, और सबकी संस्कृति और परंपराएं विभिन्न हैं परंतु फिर भी हिंदुस्तान एकजुट है। सारे राज्य के लोग प्रेम और भाईचारे की भावना से मिल जुल कर रहते हैं। हिन्दू, मुस्लिम, सीख, ईसाई, बुद्ध हर धर्म के लोग एकता में रह कर धर्म से पहले हिन्दुस्तानी होने का फ़र्ज़ निभा कर इस देश को और भी खास बनाते हैं। 


महापुरुषों की भूमि

भारत माता को इतने महापुरुषों को जन्म देने वाली सोभग्यशाली मां माना जाता है। हिन्दू धर्म और अच्छाई की बुराई से रक्षा के लिए श्री विष्णु जी के नौ अवतारों ने इसी भूमि पर जन्म ले कर इसको पावन किया।

सिखों के दस गुरु जी ने भी भारत की भूमि पर जन्म ले कर इसको और पवित्र बना दिया। इस कारण-वश विश्व भर के श्रद्धालु हर वर्ष विभिन्न धार्मिक स्थल के दर्शन करने भारत आते हैं। 

इसके अतिरिक्त स्वतंत्रता कि लड़ाई के विभिन्न सेनानी जैसे झांसी की रानी, भगत सिंह, महाराणा प्रताप, महात्मा गांधी, सुवश चन्द्र बोस, आदि ने भी भारत कि धरती पर जन्म ले कर भारत की सुरक्षा की। पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, डॉ राधाकृष्णन आदि जैसे महान नेताओं ने देश का विकास आरम्भ किया। 


विश्व का सबसे विशाल जनतंत्र और संघीय सरकार

जब देश 1947 में अंग्रेज़ों की जंजीरों से आज़ाद हुआ था तो इसे जन-तंत्र रूप से चला कर विकास करने का फैसला लिया गया और पण्डित जवाहर लाल नेहरू को देश का पहला प्रधान मंत्री और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पहला राष्ट्रपति बनाया गया।

वर्तमान काल तक भारत को विश्व का सबसे बड़ा और सफल जनतंत्र माना जाता है जहां देशवासियों को अपने धर्म, शिक्षा, वाक्य, आदि के चुनाव का खुला हक है। 

इसके अतिरिक्त भारत का संविधान भी एक आदर्श संविधान माना जाता है जिसके अधीन संघीय रूप से साकार का चुनाव होता है। यानी सरकार को तीन हीसों में बाँटा गया है– ज़िला, राज्य और केंद्र। तीनों स्तर के अफसरों और नेताओं को विभिन्न शक्तियों दी गई है।

नागरिक अपने नेता और राजनीतिक पार्टी का चुनाव जन-तंत्र रूप से अपनी मर्ज़ी अनुसार के सकते हैं, किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। 


कृषि में सबसे आगे

यहां की मिट्टी से हमारे देश के किसानों की मेहनत के पसीने की खुश-बू आती है। देश भर का पेट भरने वाले किसान, बेशक चाहे खुद भूखे सो जाए परन्तु पूरी जी जान से फ़सलों की सिंचाई और सुरक्षा करते हैं।

सिर्फ देश वासियों का ही नहीं पोषण करता बल्कि भारत का कृषि विभाग विश्व भर में चावल, विभिन्न प्रकार की दालें, मूंगफलियां, सब्ज़ियाँ आदि का निर्यात करके देश की आमदनी में विदेशी मुद्रा बढ़ाने में बहुत योगदान देता है। बहुत सारे विकसित देश भी अनाज के लिए मूढ़ कर भारत को ही देखते हैं। 

निर्यात के अतिरिक्त भारत के हरे भरे खेत देश की पचास से अधिक कर्मचारियों की संख्या को रोज़गार देते हैं जिस का देश की जी डी पी में लगभग बीस प्रतिशत का योगदान होता है। इसलिए हमारा देश बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है जो इतनी समृद्ध और उपजाऊ धरती हमें कुदरत ने भेंट दी है। 


विभिन्न पर्यटक स्थल

भारत के हर हिस्से में खूबसूरती का भंडार है जिसे गवाह करने विश्व के हर कोने से पर्यटक आते हैं। दक्षिण के सुंदर समुद्र तट, उत्तर भारत के ठंडे हिमालय की गोद में बसे पहाड़ी इलाके, पश्चिम भारत में बिखरे हरे भरे चाय के बाग, हर हिस्सा पर्यटकों को अपनी ख़ासियत से खींचता है।

प्रकृति की खूबसूरती के अतिरिक्त आदमी बनाए स्थल जैसे जयपुर का हवा महल, दिल्ली का लाल किला, आगरा का ताज महल, आदि भी देश के पर्यटक विभाग को खूब कमाई करवाते हैं। इन सब स्थलों से उपर भारत के प्रसिद्ध और पवित्र धार्मिक स्थल जैसे अमृतसर में श्री हरि मंदिर साहिब और आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी भी विश्व भर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
 

Mera Bharat Mahan Par Nibandh

सभ्यता और संस्कृति हमारा गेहना

भारत का नाम अनंत काल से ही अपनी बामुल्या सभ्यता और प्रतिष्ठित संस्कृति के आभार से सुनहरे अक्षरों में लिखा जाता है। भारतवासियों के ज़िंदगी के रोज़ाना चलन में भी यह सभ्यता झलकती है। अपने से बड़ों का आदर और छोटों से निम्रता हमारी सभ्यता की पहचान है। हमें रिश्तों के अर्थ और मूल्य बचपन से सिखाए जाते हैं। 

विकसित देश के नौजवान किताबी ज्ञान तो कुष्लपुर्वक हासिल कर लेते हैं परन्तु यह नैतिकता नहीं सीख पाते। हर धर्म के ग्रन्थ हमें इंसानियत और भाईचारे का महत्व सीखा कर हमारी संस्कृति को और खूबसूरत कर देते हैं। 


विश्व को योग एवम् आयुर्वेद का उपहार

हिंदुस्तान ने विश्व को आयुर्वेद जैसे मूल्यवान उपहार दिए हैं जिस से विश्व भर के लोग लाभ ले रहे हैं। आयुर्वेद में कुदरत की कुछ खास जडी बूटियों का प्रयोग करके रोगों के प्राकृतिक और फायदे से भरपूर इलाज ढूंढ जाते हैं।

केवल यही नहीं, विश्व के सभी देशों को योग जैसी पावन क्रिया से परिचित करवाने वाला देश भी भारत ही था। गर्व की बात यह है कि उत्तराखंड में बसे ऋषीकेश शहर को पूरे विश्व की योग की राजधानी माना जाता है!

Mera Bharat Mahan Par Nibandh
Mera Bharat Mahan

उप-संहार

भारत हर दृष्टिकोण से एक आदर्श भूमि है। हम सब भारत के जिम्मेदार देशवासी यही आशा करते हैं कि सदा सिर उठा कर देश-भक्ति से भरे दिल से अपना राष्ट्र गान गाते रहें और भारत तेज़ गति से विकास करता रहे। जय हिन्द!


इसके साथ ही – Mera bharat mahan par nibandh समाप्त होता है। आशा करते हैं कि यह आपको पसंद आया होगा। ऐसे ही अन्य कई निबंध पढ़ने के लिए हमारे आर्टिकल – निबंध लेखन को चैक करें।

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निष्ठा विज

निष्ठा विज एक लेखिका है जो डिजिटल मार्केटिंग और फैशन से सम्बन्धित विषयों पर लिखने में अत्यंत आवेशपूर्ण है। वह एक छोटे शहर के व्यापारी परिवार से है और लेखन में ही अपना व्यवसाय बनाना चाहती है।

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